चेन्नई: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भाजपा के साथ उसके गठबंधन को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं पर सिर्फ दोस्ती ही नहीं दोनों पार्टियों के बीच विचारधारात्मक निकटता भी है. Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- चुनाव के समय आकर हिंसा करते हैं, ऐसे बाहरी लोगों के लिए बंगाल में जगह नहीं

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अन्नाद्रमुक के मुखपत्र ‘‘नमाथु अम्मा’’ में कहा गया है कि अन्नाद्रमुक और भाजपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए था और वह मैत्री का विस्तार था लेकिन वास्तव में दोनों पार्टियां देशभक्ति और ईश्वर की पूजा जैसे प्राथमिक मुद्दों पर एक स्वर में बात करती हैं. यह लेख इन रिपोर्टों की आया है कि हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करने के बाद गठबंधन में शामिल दोनों पार्टियां में मतभेद है. Also Read - Hyderabad बना सियासी जंग का अखाड़ा, BJP अध्‍यक्ष नड्डा का कल रोड शो, शाह- योगी भी संभालेंगे मोर्चा

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पार्टी ने यह भी दावा किया कि केंद्र के त्रिभाषी फार्मूला को लेकर गलत सूचना फैलाई जा रही है. यह इशारा राज्य में विपक्षी दलों के लिए था जो हिंदी को लागू करने के खिलाफ हैं. लेख में कहा गया है कि अन्नाद्रमुक का निशान दो पत्तियां और भाजपा का निशान कमल का फूल है और फूल एवं पत्ती के मध्य विपक्षी दल मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.