कोयंबटूर: मद्रास उच्च न्यायालय के 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक को तोड़ने की कोशिश करने वालों और सत्ता में आने की चाह रखने वालों के सपने मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के बाद टूट कर बिखर गए हैं.

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मद्रास हाई कोर्ट ने बरकरार रखा फैसला
गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने वाले फैसले को बरकरार रखा है. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को शहर में एक कार्यक्रम में कहा कि पार्टी के दोनों संस्थापक दिवंगत एम जी रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता ने तमिलनाडु के लोगों के हित के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की और उनके उत्थान के लिए काम किया.

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संगठन को बचाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे
स्पष्ट रूप से दिनाकरण पर निशाना साधते हुये पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि जयललिता की मौत के बाद ‘कुछ विश्वासघातियों’ ने पार्टी को तोड़ने और अड़चनें पैदा कर सरकार को गिराने के लिए द्रमुक से हाथ मिलाया. हालांकि, ईश्वर और जयललिता के आशीर्वाद से ‘दुश्मनों’ को विश्वासघात और सरकार गिराने के प्रयास के लिए सही सजा मिली. उन्होंने कहा, ‘‘हम संगठन को बचाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे जिसे दो महान आत्माओं ने विकसित किया.’’ वही मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इन 18 विधायकों ने अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है.