Coronavirus in India केंद्र सरकार ने उन लगों को कोरोना नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है जो इसे एक ‘घोटाला’ बता रहे हैं. सरकार ने कहा है कि हम थक सकते हैं लेकिन वायरस नहीं इसलिए नियमों का पालन कीजिए. दरअसल ऐसी खबरें आ रही हैं कि लोग कोरोना नियमों का पालन करने के मना करते हुए इसे एक स्कैम यानी घोटाला बता रहे हैं. इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम इस तरह की प्रतिक्रियाएं देखते हैं कि ‘कोराना एक घोटाला है, मुझे मास्क की जरूरत नहीं है, इसके आगे भी जिंदगी है’; नियमों का पालन कीजिए क्योंकि हम थक सकते हैं लेकिन वायरस नहीं थकता है.”Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

इसके अलावा केंद्र सरकार ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर राजस्थान, उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में पांच गुना ज्यादा चरम पर, छत्तीसगढ़ में 4.5 गुना और दिल्ली में 3.3 गुना ज्यादा है. मंत्रालय ने कहा, “कर्नाटक, केरल, बंगाल, तमिलनाडु, गोवा, ओडिशा में न केवल कोरोना चरम पर है बल्कि वहां कोविड-19 के मामलों में भी बढ़ोतरी का ग्राफ ऊपर की तरफ है.” Also Read - महिला आशा स्वयंसवकों को WHO ने किया सम्मानित, पीएम नरेंद्र मोदी बोले- आपका समर्पण सराहनीय है

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी कहा कि उसने राज्यों से ऑक्सीजन उपभोग ऑडिट करने के लिए कहा गया है. वहीं इस दौरान एम्स के निदेशक ने सलाह देते हुए कहा कि अगर मामूली लक्षण हैं या लक्षण नहीं हैं तो अन्य बीमारियों की दवाएं पहले की तरह लेते रहें. सरकार ने कहा कि दूसरी लहर में संक्रमण बढ़ने की दर काफी तेज है जिससे स्वास्थ्य ढांचे पर काफी दबाव पड़ा है. Also Read - देश में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.4 और BA.5 की सरकार ने की पुष्टि, तमिलनाडु और तेलंगाना में मिले मरीज

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 के जिन मरीजों का इलाज घर पर किया जा रहा है, उन्हें घर पर एंटीवायरल रेमिडीविर इंजेक्शन नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने दोहराते हुए कहा कि रेमेडिसविर को केवल मध्यम या गंभीर COVID मामलों में ही दिया जाना चाहिए. AIIMS प्रमुख ने कहा, “रेमेड्सविर को देने का निर्णय चिकित्सा पेशेवर द्वारा लिया जाना चाहिए और केवल एक अस्पताल में ही दिया जाना चाहिए.”

एक सवाल के जवाब में कि कोविड-19 से संक्रमित लोगों को अपना होम आइसोलेशन कब समाप्त करना चाहिए, इस पर डॉ. गुलेरिया ने कहा, “होम आइसोलेशन कब खत्म करें? होम आइसोलेशन के तहत मरीज डिस्चार्ज माना जाएगा और कम से कम लक्षण दिखने के 10 दिन बाद और कम से कम 3 दिनों तक बुखार न आने पर वह अपना होम आइसोलेशन खत्म कर सकता है. होम आइसोलेशन की अवधि समाप्त होने के बाद टेस्ट कराने की कोई आवश्यकता नहीं है.”