नई दिल्‍ली: बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत राजपूत की मौत के मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने आज मंगलवार को सीबीआई को अपनी मीडिकोलीगल ओपिनियन दे दिया है. इसके साथ ही एम्‍स ने कहा है कि हम मीडिया में चल रही किसी भी कयासबाजी की पुष्टि नहीं करते हैं.Also Read - अंडरवर्ल्‍ड डॉन छोटा राजन की तबीयत बिगड़ी, AIIMS-Delhi में चल रहा इलाज

मिली जानकारी के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत केस के मामले में एम्‍स के मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुधीर गुप्‍ता ने मंगलवार को अपने बयान में कहा, एम्‍स के मेडिकल बोर्ड ने सीबीआई को अपना मेडिकोलीगल ओपिनियन सीबीआई को बता दिया है, जो किसी से भी शेयर नहीं किया जा सकता है क्‍योंकि केस सबज्‍युडिस है. हम मीडिया में चल रहे किसी भी अनुमान की पुष्‍ट‍ि नहीं करते हैं. Also Read - Arms License Scam: CBI ने दिल्‍ली से लेकर जम्‍मू-कश्‍मीर 40 से अधिक जगहों पर छापे मारे

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दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है. यह जानकारी एजेंसी ने स्‍वयं ही सोमवार को दी थी. सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा था, ”सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो पेशेवर जांच कर रहा है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है और अभी तक किसी भी पहलू से इंकार नहीं किया गया है. वहीं, सुशांत की व‍िषरा र‍िपोर्ट न‍िगेट‍िव आ चुकी है. इससे पुष्टि होती है क‍ि उन्‍हें कोई जहरीला पदार्थ नहीं द‍िया गया था.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने बीते शुक्रवार को आरोप लगाया कि राजपूत की मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की गति अचानक धीमी हो गई है और पूरा ध्यान मादक पदार्थ संबंधी मुद्दों की ओर केंद्रित हो गया है.

वकील विकास सिंह ने आरोप लगाया था, ”आज हम असहाय हैं, क्योंकि हमें नहीं पता कि मामला किस दिशा में जा रहा है. सामान्य तौर पर संवाददाता सम्मेलन सीबीआई द्वारा किया जाता है. लेकिन इस मामले में आज तक सीबीआई ने इस बारे में कोई भी प्रेस ब्रीफिंग नहीं की कि उन्हें क्या मिला है. यह बहुत गंभीर मुद्दा है.”

वकील सिंह ने यह भी दावा किया था कि एम्स टीम का हिस्सा रहे एक चिकित्सक ने उन्हें बहुत पहले बताया था कि राजपूत की तस्वीरें-जो स्वयं अधिवक्ता ने भेजी थीं- संकेत देती हैं कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि कथित तौर पर गला दबाकर की गई हत्या थी. उन्होंने कहा था, ”एम्स टीम का हिस्सा रहे चिकित्सक ने मुझे बहुत पहले बताया था कि मैंने उन्हें जो तस्वीरें भेजी थीं, वे 200 प्रतिशत इस बात की ओर इशारा करती हैं कि यह गला दबाने से हुई मौत थी, आत्महत्या नहीं थी.”

जहां तक मादक पदार्थ के कोण का सवाल है, अधिवक्ता ने दावा किया था कि ऐसा मामला तभी बनाया जा सकता है जब कुछ मात्रा में मादक पदार्थ किसी से जब्त किया जाए. सिंह ने आरोप लगाया था कि मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) मीडिया का ध्यान बंटाने के लिए बॉलीवुड के सितारों की एक फैशन परेड करा रहा है.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत (34) का शव 14 जून को उपनगर बांद्रा में उनके अपार्टमेंट में लटका मिला था. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. 7 साल पहले ‘काई पो चे’ फिल्म से बड़े पर्दे पर कदम रखने वाले राजपूत इस वर्ष 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. एक्‍टर के पिता के. के. सिंह की तरफ से पटना में सुशांत की महिला मित्र रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था. इसके बाद सीबीआई ने बिहार पुलिस से जांच अपने हाथों में ले ली थी. बिहार पुलिस को दी गई शिकायत में सिंह ने आरोप लगाए कि चक्रवर्ती और उनके परिवार के लोगों ने राजपूत की संपत्ति में हेरफेर की. चक्रवर्ती ने टीवी साक्षात्कारों में इन आरोपों से इंकार किया था.