हैदराबाद: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा यह आरोप लगाने के एक दिन बाद कि आगामी विधानसभा चुनाव में वोटों को विभाजित करने के लिए भाजपा हैदराबाद की एक पार्टी को पैसे दे रही है, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि मुस्लिम मतदाता उनकी (ममता की) ‘जागीर’ नहीं है. हैदराबाद के सांसद ने ट्वीट किया कि ममता बनर्जी उन मुसलमानों को पसंद नहीं करती हैं जो अपने लिए सोचते और बोलते हैं. Also Read - Bengal Polls: शुभेंदु अधिकारी ने Mamata Banerjee पर फिर बोला हमला- 'अभी से ही उन्हें पूर्व CM लिखा लेटर पैड तैयार रखना चाहिए'

तृणमूल कांग्रेस की नेता द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए ओवैसी ने कहा कि कोई भी उन्हें पैसे से नहीं खरीद सकता है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष ने ट्वीट किया, “अब तक आपने केवल आज्ञाकारी मीर जाफर्स और सादिक से डील किया है. आप उन मुसलमानों को पसंद नहीं करती हैं जो अपने लिए सोचते और बोलते हैं.” Also Read - पूर्वी मिदनापुर में सुवेंदु अधिकारी की रैली से पहले TMC-भाजपा कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, कई घायल

ओवैसी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेता ने बिहार के उन लोगों का अपमान किया जिन्होंने एआईएमआईएम को वोट दिया. ओवैसी ने लिखा, “याद रखें कि बिहार में उन पार्टियों के साथ क्या हुआ जो अपनी असफलता का दोष ‘वोट कटवा’ मुस्लिम मतदाता के सिर मढ़ते रहे? मुस्लिम मतदाता आपकी जागीर नहीं है.” Also Read - West Bengal Polls 2021: शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर हमला- 'नंदीग्राम से TMC प्रमुख को 50 हजार वोटों से नहीं हराया तो...'

ममता ने मंगलवार को कहा था कि अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करने के लिए भाजपा ने हैदराबाद से एक पार्टी को पकड़ लिया. उन्होंने कहा, “भाजपा उन्हें पैसे देती है और वे वोटों को विभाजित कर रहे हैं. बिहार चुनाव ने इसे साबित कर दिया है.”

एआईएमआईएम ने पिछले महीने बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं. भाजपा की मदद के लिए ‘धर्मनिरपेक्ष’ वोटों को विभाजित करने के लिए पार्टी को अपने विरोधियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, ओवैसी ने इस आरोप को खारिज कर दिया है.

(इनपुटः एजेंसी)