नई दिल्ली: एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए इस विधेयक की प्रति फाड़ दी. इसका कड़ा विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह संसद का अपमान है. विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह सरकार मुसलमानों के ‘राष्ट्रविहीन’ बनाने की साजिश कर रही है.

ओवैसी ने बिल पर अपना विरोध जताते हुए कहा, “यह देश का एक और विभाजन होने जा रहा है. यह बिल भारत के संविधान के खिलाफ है और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करता है. मैं बिल फाड़ता हूं, यह हमारे देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहा है.”

उन्होंने यह दावा भी किया कि यह विधेयक एक बार फिर से देश के बंटवारे का रास्ता तैयार करेगा. ओवैसी यह आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने नागरिकता कार्ड को फाड़ा था और मैं आज इस विधेयक को फाड़ता हूं. इसके बाद उन्होंने विधेयक की प्रति फाड़ दी.

इस पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ओवैसी वरिष्ठ सदस्य हैं और उन्होंने जो किया है वो सदन का अपमान है. भाजपा सदस्य पीपी चौधरी ने कहा कि ओवैसी ने संसद का अपमान किया है.

(इनपुट ऐजेंसी)