नई दिल्लीः एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने सोमवार को भारतीय वायु सेना प्रमुख के पद का कार्यभार संभाल लिया. वह वायुसेना के 26वें प्रमुख बने हैं. उन्होंने एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ का स्थान लिया जो भारतीय वायु सेना में 41 साल सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो गए. एयर चीफ मार्शल भदौरिया को जून 1980 में भारतीय वायु सेना की लड़ाकू शाखा में शामिल किया गया और वह कई पदों पर रहे. पद ग्रहण करने के बाद उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भारत हर तरह की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है और भविष्य में कभी भी जरूरत पड़ी तो हम बालाकोट जैसे ऑपरेशन्स को भी अंजाम दे सकते हैं.

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र भदौरिया ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ पुरस्कार भी जीता. करीब चार दशक की सेवा के दौरान भदौरिया ने जगुआर स्क्वाड्रन और एक प्रमुख वायु सेना स्टेशन का नेतृत्व किया. उन्होंने जीपीएस का इस्तेमाल कर जगुआर विमान से बमबारी करने का तरीका ईजाद किया.

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यह वर्ष 1999 में ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में जगुआर विमान की बमबारी में भूमिका से खासतौर से जुड़ा है. भदौरिया को 26 तरह के लड़ाकू और परिवहन विमानों को 4,250 घंटों तक उड़ाने का भी अनुभव है. वह वायु सेना के उन चुनिंदा पायलटों में से एक हैं जिन्होंने राफेल विमान उड़ाया है. जुलाई में भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच गरुड़ अभ्यास के दौरान भदौरिया ने राफेल विमान उड़ाया था.

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वायु सेना के विभिन्न विमानों में अपनी दक्षता के अलावा भदौरिया एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट, कैट ‘ए’ क्वालिफायड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर भी हैं. भदौरिया ने रूस में एयर अटैच के रूप में भी अपनी सेवा दी है. वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट, सेंट्रल एयर कमान के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और उसके बाद दक्षिणी एयर कमान के कमांडिंग वायु सेना अधिकारी रहे हैं.