नई दिल्ली: वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया ने सोमवार को नतीजों के लिये सभी संगठनों और निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करने पर जोर देते हुए कहा कि देश में स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास की बात आती है तब ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को लेकर बातें बहुत की जाती हैं. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना और भारतीय वायुसेना में समानता का कोई सवाल ही नहीं क्योंकि पाकिस्तानी वायुसेना बालाकोट अभियान के बाद एक भी लक्ष्य को निशाना नहीं बना सकी. एक समाचार चैनल के कार्यक्रम के दौरान वायुसेना प्रमुख ने कहा, “हर किसी को इस दिशा (स्वदेशी विकास) में काम करना है. हमने अपना समर्थन दिया है. डीआरडीओ को एक समयसीमा तय करनी है…सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “अभी, इस ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशीकरण (कार्यक्रम) में बातें बहुत की जा रही हैं. हमारी मंशा बहुत अच्छी है लेकिन व्यावहारिक रूप से काम बहुत धीमी गति से हो रहा है. हर कोई अगर इस दिशा में काम करेगा तो हम सफल होंगे.” वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उन्हें एक कमी नजर नहीं आती जिससे स्वदेशी विकास कार्यक्रम बाधित हो रहा है, उन्होंने आगे कहा “हर किसी को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए चाहे वह डीआरडीओ हो, पीएसयू या निजी क्षेत्र.”

यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल होता तो बालाकोट हवाई हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अलग होती, भदौरिया ने कहा, “प्रतिक्रिया उनके हाथ में है. लेकिन नतीजा (हवाई हमले का) अलग होता.” इस साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के एक काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवानों के मारे जाने के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए और उन्हें नष्ट कर दिया था. भदौरिया ने कहा कि एक बार राफेल विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में आने शुरू हो जाएंगे तो दुश्मन “सोचेगा और काफी सोचेगा.”

(इनपुट भाषा)