मुंबई। सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया की हालत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है. अब पायलटों के एक धड़े ने बकाया उड़ान भत्तों का भुगतान तुरंत नहीं करने पर परिचालन रोकने की धमकी दी है. उनका आरोप है कि अन्य कर्मचारियों को देरी से ही सही वेतन और भत्ते का भुगतान किया जा रहा है लेकिन पायलट और चालक दल के सदस्यों के साथ यहां भी अनदेखी हो रही है. Also Read - International Flights August 4: वंदे भारत मिशन के तहत विदेश से आज आ रही हैं ये फ्लाइट्स, यहां करें चेक

भत्तों का भुगतान न होने पर ड्यूटी पर जाने से करेंगे इनकार  Also Read - Domestic Flights Fare News Update: घरेलू हवाई यात्रियों को सरकार ने दी खुशखबरी, किराए को लेकर कही ये बड़ी बात

इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयर इंडिया के वित्त निदेशक को भेजे पत्र में कहा, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि अगर उड़ान भत्तों का तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो हम उड़ान ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं हो सकते. सूत्र के मुताबिक, पायलटों को उड़ान भत्ता दो महीने बाद दिया जा रहा है. सूत्र ने कहा कि नियम के मुताबिक, जून महीने के उड़ान भत्ते का एक अगस्त तक भुगतान कर दिया जाना चाहिये लेकिन यह आज तक लंबित है. Also Read - International Flights: स्पाइसजेट को मिली इस देश के लिए उड़ान भरने की अनुमित, इससे पहले सिर्फ Air India को थी इजाजत

आईसीपीए ने एयर इंडिया प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह इस मामले में उसके सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहा है. नाकाम रहने पर हमारे सदस्य उड़ान ड्यूटी के लिये रिपोर्ट नहीं करने के लिये मजबूर होंगे और उड़ान गतिविधियों में किसी भी तरह के व्यवधान के लिये प्रबंधन जिम्मेदारी होगा.

एयर इंडिया निदेशक मंडल की बैठक

वहीं, नकदी संकट से जूझ रही एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने आज बैठक की. यह बैठक ऐसे समय हुयी जब सरकार कंपनी की मदद के लिये राहत पैकेज देने पर विचार कर रही है. एयर इंडिया के प्रस्तावित विनिवेश में नाकाम रहने के बाद सरकार कंपनी की वित्तीय हालत सुधारने के लिये शेयर पूंजी डालने और संभावित कर्ज माफी पर विचार कर रही है.

कंपनी के निदेशक मंडल में दो स्वतंत्र निदेशकों- आईटीसी के चेयरमैन वाई सी देवेश्वर और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के शामिल होने के बाद पहली बैठक है. सूत्रों ने कहा कि देवेश्वर बैठक में शामिल हुये लेकिन बिड़ला नहीं आये. निदेशक मंडल की बैठक में हुयी चर्चा के के बारे में अभी पता नहीं चला है.

नागर विमानन मंत्रालय एयर इंडिया के लिये 11,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने के लिये वित्त मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श कर रहा है. मार्च 2017 के अंत तक कंपनी का कुल कर्ज 48,000 करोड़ रुपये से अधिक था.

(भाषा इनपुट)