नई दिल्ली. दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है. रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को दिल्ली में सीजन का सबसे प्रदूषित दिन था. प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है. ऐसे में क्रिसमस और न्यू ईयर के उत्साह में कहीं न कहीं पानी पड़ता दिख रहा है. लोग सिरदर्द, आंखों में जलन, खासी और कॉन्स्पिटेशन से परेशान हैं और डॉक्टरों के चक्कर काटने लगे हैं. Also Read - Air Pollution: बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा, 1.16 लाख से ज्यादा शिशुओं की हो चुकी मौत

इस समय सबसे ज्यादा चिंता की बात पीएम 2.5, बेंजीन और एनओ 2 के बढ़ने से हो रही है. इसका बढ़ना पीएम 10 के बढ़ने से ज्यादा खतरनाक है. रविवार की सुबह करीब 9 बजे नेहरू नगर और वजीरपुर में पीएम 2.5 बढ़कर 1000 एमजीसीएम पहुंच गया, जो कि सामान्य से 16.7 गुना अधिक है. Also Read - सीएम केजरीवाल की 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अनूठी मुहिम शुरू, राघव चड्डा लोगों के बीच पहुंचे

दो दिनों से स्मॉग
दिल्ली में पिछले हफ्ते ठंड बढ़ी, लेकिन स्मॉग की चादर 2 दिनों से है. सीपीसीबी और ईपीसीए को डर है कि क्रिसमस और न्यू ईयर पर आतिशबाजी हुई तो यह स्तर और खराब हो सकता है. इसे देखते हुए सिर्फ ग्रीन पटाखा छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, ट्रैफिक को भी लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं. Also Read - गुरुग्राम में प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने पर 29 लोगों पर कार्रवाई, एक दिन 7.25 लाख रुपये जुर्माना लगा

ये ज्यादा बरतें सावधानी
सीपीसीबी ने लोगों को सलाह दी है कि़ बच्चे, बुजुर्ग और सांस-फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोग अगले 3 से 5 दिन ज्यादातर घरों में ही रहें. विशेष जरूरत पड़ने पर ही वे बाहर निकलें. बताया जा रहा है कि अगले हफ्ते मौसम से राहत नहीं मिलने वाली है. सिविक एजेंसी को सख्ती से नियम फॉलो कराने के निर्देश दिए गए हैं.