नई दिल्‍ली: दीपावली के उत्‍सव के दूसरे दिन दिल्‍ली और नोएडा में हवा में प्रदूषण का स्‍तर ‘बहुत खराब’ स्‍तर पर पहुंच गया. वहीं, मुंबई में दिवाली के बाद 5 साल बाद पहली बार इतनी हवा साफ रही. सोमवार को सुबह दिल्‍ली में हवा की गुणवत्‍ता का 306 और नोएडा में 365 रिकॉर्ड किया गया. दिल्‍ली और एनसीआर में पटाखों का धुंआ के कणों ने क्षेत्र में प्रदूषण का स्‍तर बढ़ा दिया.  सरकारी एजेंसियों के मुताबिक रविवार रात 11 बजे दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता का स्तर 327 पर पहुंच गया जबकि शनिवार को यह 302 था. आने वाले दिनों में प्रदूषण से और भी हालत खराब होगी.

दिल्ली की हवा में पटाखों की तेज आवाज के साथ ही जहरीला धुंआ और राख भर गई और कई स्थानों पर एयर क्‍वाल‍िटी का सूचकांक  ‘गंभीर’ स्तर को पार गया. सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था ‘सफर’ ने दिवाली की रात पटाखे जलाने, मौसम में बदलाव और पराली जलाने की वजह से दिल्ली की औसत वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई है.

मुंबई में दिवाली पर पिछले पांच सालों में सबसे साफ हवा रही. प्रदूषण के प्रमुख कारक 2.5 पीएम 32 पर और 10 पीएम 43 पर रिकॉर्ड किया गया. ये दोनों ही गुड कैटेगरी के हैं. मुंबई की साफ सुथरी हवा की वजह अरब सागर में क्‍यार साइक्‍लोन का घुमड़ना है.

देश की राजधानी दिल्‍ली में दिवाली के दौरान एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स ‘नुकसानदेह’ पर पहुंच गया. दिल्‍ली के पटपटगंज इलाके में मदर डेयरी के पास एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 999 पर पहुंच गया. रविवार सुबह 11 बजे पीएम 10 (10 माइक्रॉन या इससे छोटे कण) का स्‍तर द्वारका के नेशनल मलेरिया इंस्‍टीट्यूट के पास 763 था.

 

लोगों ने मालवीय नगर, लाजपत नगर, कैलाश हिल्स, बुराड़ी, जंगपुरा, शाहदरा, लक्ष्मी नगर, मयूर विहार, सरिता विहार, हरी नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, द्वारका सहित कई इलाकों में उच्चतम न्यायालय द्वारा पटाखा छोड़ने के लिए तय दो घंटे की समयसीमा का उल्लंघन करके पटाखे छोड़ने की सूचना दी.

आंकड़ों के मुताबिक दिन में आनंद विहार में पीएम-10 का स्तर 515 दर्ज किया गया. वहीं वजीरपुर और बवाना में पीएम-2.5 का स्तर 400 के पार चला गया. राजधानी स्थित 37 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 25 ने वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की.

दिल्ली के नजदीक स्थित शहरों फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रविवार रात 11 बजे वायु गुणवत्ता का स्तर क्रमश: 320, 382, 312 और 344 रहा.

बता दें कि 0 से लेकर 50 तक एयर क्‍वालिटी सुरक्षित मानी जाती है. 51-100 संतोष जनकर, 101-200 मध्‍यम, 201-300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब, 401 से 500 से बीच खतरनाक, और 500 से ऊपर भयानक खराब होती है. यह इमरजेंसी की स्थिति है.

मध्‍य अक्‍टूबर से नवंबर दिल्‍ली की एयर क्‍वालिटी के बहुत खराब होते हैं, क्‍योंकि पड़ोसी राज्‍यों में पराली जलाने और पटाखों को जलाने से प्रदूषण का स्‍तर बढ़ जाता है.  बता पिछले दिवाली के मौके पर दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर सुरक्षित सीमा से 12 गुना अधिक 600 तक पहुंच गया था.