नई दिल्ली: दिल्ली में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषण स्तर खतरनाक हो गया. रविवार को वायु गुणवत्ता गिरकर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 412 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है जबकि केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने एक्यूआई 388 दर्ज किया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.

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सफर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से दिन-रात मौसमी प्रवृत्ति पर नजर रखी गई. उसने कहा, ‘‘रात के समय धीमी हवा और ठंड प्रदूषण स्तर बढ़ा रही है. कई जगहों पर एक्यूआई कुछ घंटों के लिए ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया जबकि दिन के दौरान हवा थोड़ी-सी तेज चल रही है और तापमान बढ़ रहा है जिससे प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ रहा.’’ वायु गुणवत्ता 10 दिनों में चौथी बार रविवार को सुबह ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 27 इलाकों में प्रदूषण ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज किया गया जबकि आठ इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई.

एनसीआर, गाजियाबाद, गुड़गांव और नोएडा में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ दर्ज की गई जबकि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई. सीपीसीबी ने बताया कि दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 339 और पीएम 10 का स्तर 506 दर्ज किया गया. राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को 450 के एक्यूआई के साथ साल में दूसरा सबसे अधिक प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया. सोमवार और मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ रही. बुधवार को मामूली सुधार देखा गया. गुरुवार को आबोहवा फिर से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. सफर ने कहा, ‘‘दिल्ली में वायु गुणवत्ता बहुत खराब है जिसमें दिन में तेज हवा चलने से स्थिति में मामूली सुधार हो सकता है लेकिन कल तक वायु गुणवत्ता खराब होने का अनुमान है. अगले कम से कम दो दिन तक शीतलहर चलने की संभावना है.’’ उसने कहा, ‘‘वायु गुणवत्ता सूचकांक अगले तीन दिनों के लिए 360-380 के बीच रहेगा जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.’’

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