नई दिल्ली. दिल्ली में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है. अधिकारियों का कहना है कि तेज हवाओं के चलने के साथ ही धूल भरी हवाओं के साफ होने की संभावना है और हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार होगा. दिल्ली-एनसीआर में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10 का स्तर 754 जबकि दिल्ली में 801 दर्ज किया गया. इससे मौसम धुंधला बना हुआ है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक पीएम 2.5 के स्तर में आज कुछ सुधार हुआ है. दिल्ली क्षेत्र में इसका स्तर 184 और दिल्ली-एनसीआर में इसका स्तर 175 पर दर्ज किया गया. पिछले दिनों इसका स्तर ‘बेहद खराब’ से ‘खतरनाक’ पर पहुंच गया था. गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 का स्तर 268 और दिल्ली में 277 था. सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के कई स्थानों पर वायु गणवत्ता सूचकांक 500 से ऊपर बना हुआ है.

ऐसे देखा जाता है हवा की गुणवत्ता
बता दें कि 0 से 50 के बीच के वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘‘अच्छा’’ माना जाता है, 51-100 के बीच को ‘‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच को ‘‘ सामान्य ’’, 201-300 को ‘‘ खराब ’’, 301-400 को ‘‘ बहुत खराब ’’ और 401-500 ‘‘ खतरनाक ’’ माना जाता है. धूल के कारण हो रहे इस प्रदूषण के चलते उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आपात उपायों के तहत रविवार तक शहर भर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे. ऐसे में तीन दिन तक ऐसे ही हालत बने रहने की आशंका है.

तेज हवाओं का असर
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसएएफएआर) के वैज्ञानिक गुफरान बेग ने कहा कि तेज हवाओं के चलने पर संभवत : यह धूल भरी हवा साफ हो सकेगी. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी तेज हवाओं का असर जारी रहेगी.