बेंगलुरू/चंडीगढ: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हमले में शहीद एक जवान की पत्नी ने मंगलवार को पाकिस्तान के आतंकी शिविरों पर भारत के हवाई हमलों में जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों और प्रशिक्षिकों के बड़ी संख्या में मारे जाने पर कहा, ‘मुझे लगता है कि यह कार्रवाई शहीद जवानों की आत्मा को शांति देगी.’ Also Read - पुलवामा हमले के सिलसिले में एनआईए ने पिता-पुत्री को किया गिरफ्तार

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शहीद जवान एच गुरू की पत्नी कलावती ने बेंगलुरू से करीब सौ किलोमीटर दूर मांड्या जिले के गांव गुडीगेरेकहा में कहा कि वह पति के शहीद होने पर शोकाकुल हैं लेकिन उन्हें भारतीय सैन्य बलों पर गर्व है. उधर, पुलवामा हमले में शहीद पंजाब के चार जवानों के परिजनों ने पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारतीय बलों के हमले पर संतोष जताया. एच गुरू जम्मू कश्मीर में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के 40 जवानों में शामिल हैं. Also Read - पुलवामा हमले के एक साल बाद भी जिम्मेदार का पता न लगना शहीदों का अपमान: थरूर

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गुरू मांड्या जिले के गांव गुडीगेरे के रहने वाले थे और उनके गांव में भारतीय वायु सेना के आतंकी शिविरों पर सुबह हुए हमले की खबर आने के बाद से जश्न का माहौल है. ग्रामीणों ने गांव में मार्च निकाला और शहीद जवान के घर पर तिरंगा फहराया. आंखों में आंसू लिये कलावती ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं भारतीय सैन्य बलों को सलाम करती हूं. मैं इस कार्रवाई से खुश हूं. मुझे लगता है कि यह कार्रवाई शहीद जवानों की आत्मा को शांति देगी. मुझे भारतीय सैन्य बलों पर गर्व है.’ पंजाब के रूपनगर जिले के शहीद जवान कुलविंदर सिंह के पिता दर्शन सिंह ने भारतीय कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि इसने शोकसंतप्त परिवार को ढाढस बंधाया.

हालांकि उन्होंने कहा कि अगर यह कार्रवाई पुलवामा हमले से पहले हुई होती तो 40 जवानों की जिंदगी बचाई जा सकती थी. उन्होंने कहा कि उन्हें संतोष है कि उनके बेटे के हत्यारों को सजा मिली. तरनतारन के एक अन्य शहीद सुखजिंदर सिंह की मां हरभजन कौर ने कहा, ‘आज भारतीय वायुसेना के करारे जवाब ने मेरे सीने में ठंडक पहुंचाई. भारतीय बलों ने उचित बदला लिया है.’