धार (मध्य प्रदेश): पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी ठिकानों पर इंडियन एयरफोर्स के हालिया हमले के सबूत मांगने वाले विपक्षी नेताओं को ”महामिलावटी” करार देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उन पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेता पड़ोसी मुल्क के “पोस्टर बॉय” बन गए हैं और भारत के पराक्रमी सैनिकों के सामर्थ्य पर सियासी स्वार्थ के चक्कर में सवाल उठा रहे हैं. मोदी ने आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की यहां आयोजित विजय संकल्प रैली में कहा, “भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में हुई. लेकिन सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा है. पिछले एक हफ्ते से विपक्ष के नेताओं के चेहरे ऐसे दिखाई दे रहे हैं, मानो इन पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा हो.” उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “भारत भर में महामिलावट करने वाले ये लोग अब अंतरराष्ट्रीय महामिलावट करने में लगे हैं. वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर महामिलावट कर रहे हैं.”

पाकिस्तान की बोलती बंद हो गई
प्रधानमंत्री ने कहा, “यहां भारत में ये लोग (विपक्षी नेता) मोदी को गाली देते हैं और वहां पाकिस्तान में इनके लिए तालियां बजती हैं. इन दिनों वहां के अखबारों की हेडलाइनें इनके बयानों से भरी पड़ी हैं और वहां के टीवी चैनलों पर इनके ही चेहरे दिखाई पड़ रहे हैं.” उन्होंने कहा, “एक तरह से देखें, तो भारत के ये महामिलावटी लोग पाकिस्तान के पोस्टर बॉय बन गए हैं. जब हमारी एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की बोलती बंद हो गई और वह दुनिया में अलग-थलग पड़ गया, तो इस पड़ोसी मुल्क की इज्जत बचाने को ये महामिलावटी लोग ही आगे आ गए. इनमें से कोई व्यक्ति हमारी एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने लगा, तो कोई इस हमले में मारे आतंकियों की संख्या पूछने लगा. और तो और, ये लोग मोदी से अपनी नफरत के कारण पाकिस्तान को ही शांति का दूत बताने लगे.”

आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तब ये कमजोर करना चाहते हैं
मोदी ने कहा, “आज जब तमाम देशप्रेमी लोग आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए एकजुट हो रहे हैं, तब ये लोग (विपक्षी नेता) जनता को भ्रमित कर हमारी इस लड़ाई को कमजोर करना चाहते हैं. आज जब (पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले के मामले में) हमारी वायुसेना के पराक्रम का लोहा पूरा विश्व मान रहा है, तब ये लोग हमारी वायुसेना से ही इस कार्रवाई के सबूत मांगकर वायुसेना का मनोबल तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं.” उन्होंने बालाकोट में एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले विपक्षी नेताओं पर हमले जारी रखते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत के पक्ष को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं.

आतंकियों और उनके सरपरस्तों को डंके की चोट पर बता दिया
प्रधानमंत्री ने आतंकियों को चेताते हुए कहा, “पुलवामा आतंकी हमले का जवाब भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के घर में घुसकर दिया है. आतंकियों और उनके सरपरस्तों को डंके की चोट पर बता दिया गया है कि अगर वे नहीं सुधरेंगे तो उनका क्या हश्र होगा.” मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसकी पिछली सरकारों ने सेना को आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की छूट नहीं दी.

कांग्रेस के नेता सैनिकों के सामर्थ्य पर सवाल उठा रहे हैं
पीएम ने कहा, “देश पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाली जिस पार्टी (कांग्रेस) के नेताओं ने हमारी पराक्रमी सेना के जवानों के हाथ बांध कर रखे, आज उसी पार्टी के नेता हमारी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को लेकर हमारे वीर सैनिकों के सामर्थ्य पर सवाल उठा रहे हैं.” मोदी ने कहा, “हमारी सरकार आतंकियों और उनके स्लीपर सेलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. लेकिन पिछली सरकार हर आतंकी हमले के बाद या तो चुप बैठ जाती थी या आतंकियों के पक्ष में आंसू बहाने लगती थी.” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा है कि भारत सरकार को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के हालिया हमले के सबूत विश्व समुदाय के सामने उसी तरह पेश करने चाहिए, जिस तरह अमेरिका ने आतंकी सरगना ओसामा-बिन-लादेन के खात्मे के अभियान के प्रमाण प्रस्तुत किए थे.

पुलवामा आतंकी हमले को महज हादसा बताया, उन्हें ओसामा भी शांतिदूत लगता थ
मोदी ने दिग्विजय की ओर सीधा इशारा करते हुए कहा, “आज सुबह ही इन महाशय ने पुलवामा आतंकी हमले को महज हादसा बताया है. उन्हें (दिग्विजय) तो दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी ओसामा-बिन-लादेन भी शांतिदूत लगता था. यह मानसिकता इनकी रगों में है. यह नामदार परिवार (गांधी-नेहरू परिवार) के वह ही खास सिपहसालार हैं, जिन्हें आतंक को बढ़ावा देने वाले भी शांति दूत नजर आने लगे हैं.” प्रधानमंत्री ने कहा, “दिल्ली के बाटला हाउस में जब आतंकियों का एनकाउंटर हुआ था, तो ऐसे ही एक और राज दरबारी ने दुनिया को बताया था कि रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वाले लोगों के आंसू एक आतंकी की मौत पर थम नहीं रहे हैं. आतंकवाद के प्रति इस तरह के नरम रवैये वाली कांग्रेस से आतंकवादियों के खात्मे की उम्मीद नहीं की जा सकती.”