नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के कश्मीर घाटी से लौटने की तैयारी करने के मद्देनजर एयरलाइनों को श्रीनगर से परिचालित होने वाले विमानों का किराया नियंत्रण में रखने की शनिवार को सलाह दी. दरअसल, एक दिन पहले जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षा खतरों को लेकर उन्हें अपनी यात्रा में कटौती करने के लिए कहा था.Also Read - Infantry Day: 1947 में जब पाकिस्तानियों को खदेड़ने के लिए कश्मीर में उतरी थी भारतीय सेना, देखें आर्काइव तस्वीरें

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भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मुताबिक शनिवार को घाटी से बाहर जाने के लिए 6,216 यात्री श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचे. उनमें से 5,829 यात्रियों ने 32 निर्धारित उड़ानों से यात्रा की. शेष 387 यात्रियों को भारतीय वायुसेना के चार विमानों में सवार किया गया और उन्हें जम्मू, पठानकोट तथा हिंडन जैसे गंतव्यों पर ले जाया गया. नागरिक विमानन मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सभी एयरलाइनों को अमरनाथ यात्रा से लौट रहे तीर्थयात्रियों के लिए विमान किराये में तेजी से हो रही वृद्धि को नियंत्रण में रखने को कहा है.

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ट्रैवल वेबसाइटों पर शनिवार को श्रीनगर-दिल्ली के बीच चार अगस्त के लिए विमानों का किराया 11,000 रूपये से लेकर 20,000 रूपये के बीच देखने को मिला. वहीं, चार अगस्त के लिए श्रीनगर-मुंबई के बीच का किराया 14,000 रूपये से शुरू होता दिखा. एएआई ने कहा कि सभी यात्री घाटी से योजना के अनुसार और व्यवस्थागत तरीके से बाहर गये. एएआई ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने वायुसेना, जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एयरलाइनों और राज्य के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय करते हुए समूचे कार्य को पूरा किया.

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नागरिक विमानन महानिदेशालय ने शुक्रवार को एयरलाइनों को जरूरत पड़ने पर श्रीनगर हवाईअड्डा से अतिरिक्त उड़ानों के परिचालन के लिए तैयार रहने को कहा था. गौरतलब है कि शुक्रवार को सेना ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तानी आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं.