इस राज्य में हवाई सफर होगा और रोमांचक! जल्द चलेगी रोप-वे कार, आसमान से दिखेंगे अद्भुत नजारे

यह परियोजना तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यात्रा को आसान और तेज बनाने के साथ-साथ शहर के संकरी मार्गों की समस्या का समाधान भी करेगी. रोपवे कार में प्रतिदिन एक लाख लोग यात्रा कर सकेंगे.

Published date india.com Published: December 10, 2025 1:23 PM IST
इस राज्य में हवाई सफर होगा और रोमांचक! जल्द चलेगी रोप-वे कार, आसमान से दिखेंगे अद्भुत नजारे
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UP News: भारत के कई पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के हिस्सों में रोपवे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है. इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है, जहां सड़क निर्माण चुनौतीपूर्ण है. खासकर पर्वतीय इलाकों में धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान करने के लिए नई तकनीक और रोपवे प्रणाली का उपयोग बढ़ाया जा रहा है.

Highlights

  • उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में मई 2026 तक रोपवे सर्विस शुरू हो सकती है.
  • परियोजना की कुल लागत लगभग 800 करोड़ रुपये अनुमानित है.
  • रोपवे लगभग चार किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी और पूरा सफर 15-20 मिनट में पूरा होगा.

इसी दिशा में सरकार ने पर्वतमाला विकास परियोजना के तहत रोपवे नेटवर्क को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए हैं. हाल ही में मैदानी इलाकों में भी रोपवे की अवधारणा पर काम शुरू हुआ है. इसका उद्देश्य शहरों के नजारों को आसमान से देखने का अनुभव देना है. उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में इसी तरह की रोपवे परियोजना पर जोर दिया जा रहा है.

वाराणसी रोपवे रूट और योजना

वाराणसी में हर साल बढ़ते तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए रोपवे परियोजना का निर्माण किया जा रहा है. प्रस्तावित सेवा रेलवे स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक लोगों को सुविधा प्रदान करेगी. जानकारी के अनुसार, इस रोपवे सेवा को मई 2026 तक शुरू करने की योजना है.

काशी रोपवे की लागत

काशी रोपवे परियोजना की कुल लागत लगभग 800 करोड़ रुपये अनुमानित है. यह सेवा शहर में संचालित होने वाली भारत की पहली रोपवे सेवा होगी. परियोजना का निर्णय शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई दौरों के बाद लिया गया.

बनारस रोपवे का सफर

पहले काशी दर्शन में प्रतिदिन लगभग 5,000 लोग आते थे, जबकि आज यह संख्या दो लाख तक पहुंच चुकी है. मंडलायुक्त के अनुसार, शहर की संकरी सड़कों के कारण मेट्रो रेल का विकल्प संभव नहीं था. इस वजह से रोपवे सेवा का निर्णय लिया गया. यह रोपवे लगभग चार किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी और पूरा सफर 15-20 मिनट में पूरा होगा.

काशी रोपवे का किराया और क्षमता

रोपवे कार में यात्रा करने के लिए अनुमानित टिकट मूल्य 50 से 100 रुपये के बीच रखा गया है. इस सेवा में कुल 148 गोंडोला या केबल कार होंगी, जिनमें से प्रत्येक 10 लोगों को ले जा सकेगी. संचालन शुरू होने के बाद अनुमानित प्रतिदिन एक लाख लोग इस रोपवे का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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गंगा नदी पर बढ़ेगा जल परिवहन

वाराणसी में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या को देखते हुए गंगा नदी पर जलमार्गों का उपयोग भी बढ़ाया गया है. वर्तमान में नदी पर लगभग 2,000 नौकाएं संचालित हो रही हैं, जबकि पहले यह संख्या 600 थी. इसके अलावा, शहर के प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक बस सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं.

पहाड़ों में रोपवे की अहमियत

मैदानी इलाकों में हाईवे और सड़क मार्ग विकसित करना आसान है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चुनौतीपूर्ण है. ऐसे इलाके जहां मंदिर, चोटियां और पर्यटन स्थल हैं, वहां रोपवे लोगों के लिए सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाता है. यही वजह है कि पर्वतमाला परियोजना के तहत सरकार ने रोपवे नेटवर्क को प्राथमिकता दी है.

रोपवे निर्माण की लागत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पर्वतीय इलाकों में एक किलोमीटर रोपवे का निर्माण 45 करोड़ से 65 करोड़ रुपये तक आ सकता है. इस हिसाब से परियोजना के लिए सरकार को काफी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है, लेकिन इसके फायदे लंबी अवधि में पर्यटन और स्थानीय जनजीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं.

FAQs

1.उत्तर प्रदेश में कहां और कब शुरू होगी पहली रोपवे कार?

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में मई 2026 तक रोपवे सर्विस शुरू हो सकती है.

2. रोपवे कार का मार्ग कितना लंबा होगा?

रोपवे लगभग चार किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी और पूरा सफर 15-20 मिनट में पूरा होगा.

3. कितना होगा रोपवे कार का किराया?

रोपवे कार में यात्रा करने के लिए अनुमानित टिकट मूल्य 50 से 100 रुपये के बीच रखा जा सकता है.

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