नई दिल्ली: दिल्ली को नये साल में भी वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर से कोई निजात मिलती नजर नहीं आ रही और इसके उलट शहर की हवा के और खराब होने की ही आशंका जताई गई है. अधिकारियों ने आगाह किया कि अतिरिक्त स्थानीय उत्सर्जन जारी रहने खासकर पटाखे जलाने या जीवाश्म ईंधन जलाने से मंगलवार को वायु की गुणवत्ता आपात स्तर पर पहुंच सकती है.

बता दें कि ढीली की हवा पहले ही ही बेहद खराब है. दिल्ली ही नहीं, आसपास के नोएडा सहित कई शहरों को भी अलर्ट किया गया है. इन जगहों की हवा की गुणवत्ता भी बेहद ख़राब है. दिल्ली सहित आसपास के शहरों में भी किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है. केंद्र संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने कहा कि इस तरह की किसी भी गति से हवा का भारीपन एवं घनत्व बढ़ सकता है और इससे वायु गुणवत्ता गंभीर से भी ऊपर की श्रेणी में जा सकती है.

सफर ने नववर्ष के लिए अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘अतिरिक्त स्थानीय उत्सर्जन, खासकर आग जलाने, पटाखे फोड़ने और जीवाश्म ईंधन जलाने से हवा का घनत्व बढ़ने से उसमें भारीपन आ सकता है और वेटिंलेशन कम होने की वजह से हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ कर गंभीर से ऊपर की श्रेणी पहुंच सकती है. साथ ही संस्था ने बताया कि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में है और अनुमान जताया कि यह अगले दो दिनों तक गंभीर श्रेणी में ही बनी रहेगी.