नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर जवाब मांगा. इस याचिका में एयरसेल-मैक्सिस मामले में दोनों को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई है. न्यायमूर्ति सुरैश कैत ने चिदंबरम और कार्ति को उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने संबंधी एजेंसी की याचिका पर नोटिस जारी किया.

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख तय की है. आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से चिदंबरम तिहाड़ जेल में बंद हैं. आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष अदालत के निर्णय के विरुद्ध दिल्ली उच्च न्यायालय के पास गई है. ईडी ने कार्ति चिदंबरम की जमानत रद्द करने की मांग की है. इससे पहले विशेष अदालत ने अपने पांच सितंबर के आदेश में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे को जमानत दे दी थी.

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एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई ने पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में कहा गया था कि पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया. पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर एयरसेल-मैक्सिस को एफडीआई के अनुमोदन के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी को नजरअंदाज कर दिया था.

ED के मुताबिक, एयरसेल-मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति केबिना ही मंजूरी दी थी, जबकि ये डील 3500 करोड़ रुपये की थी. दरअसल, इस मामले में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. जबकि, ईडी ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.