नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को मिले गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि सात अगस्त तक के लिए बढ़ा दी. चिदंबरम ने 30 मई को अदालत से इस मामले में गिरफ्तारी पर संरक्षण देने का अनुरोध किया था और कहा था कि इस मामले के सभी साक्ष्यों की प्रकृति दस्तावेजी लगती है और वो पहले से मौजूदा सरकार के पास हैं. इसके अलावा , उनसे कुछ और बरामद नहीं किया जाना है.

अदालत ने टूजी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा क्रमश: 2011 और 2012 में दर्ज दो मामलों में कार्ति को 10 जुलाई तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था. यह मामला एयरसेल में निवेश के लिए मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेस लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने से जुड़ा है.

सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने में किस तरह से भूमिका निभाई. उस समय यानी 2006 में पी. चिदंबरम देश के वित्तमंत्री थे.