नई दिल्ली: दिल्ली की एक कोर्ट ने एयरसेल मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक को 10 जुलाई तक बढ़ा दी है. फिलहाल अभी 35 दिनों तक कांग्रेस के इस सीनियर नेता की गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में चिदंबरम की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा था, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश जज ओपी सैनी ने ये आदेश जारी किया. विशेष जज सैनी ने चिंदबरम को जरूरत पड़ने पर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए. Also Read - DDC Election Result 2020: चिदंबरम का बयान- जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भाजपा को खारिज किया

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बता दें कि 2- जी स्पेक्ट्रम मामलों से संबंधित एयरसेल – मैक्सिस मामले में पूर्व मंत्री के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई ने साल 2011 में और ईडी ने 2012 में मामले दायर किए थे. कोर्ट पहले ही चिदंबरम की 10 जुलाई तक के लिए गिरफ्तारी से छूट दे चुकी है.

सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी दिलाने में किस तरह से भूमिका निभाई. उस समय यानी 2006 में पी. चिदंबरम देश के वित्तमंत्री थे.

वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर और वकील नीतेश राणा ने ईडी की ओर से यह याचिका दायर करते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए जांच एजेंसी को 4 सप्ताह के अतिरिक्त समय की आवश्यकता है. इस पर चिदंबरम की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और वकील पीके दुबे ने अदालत से मामले की सुनवाई 10 जुलाई को करने का अनुरोध किया. इसी दिन अदालत इसी मामले में चिदंबरम के पुत्र कार्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई करने वाली है.

एयरसेल मैक्सिस मनी लॉड्रिंग मामले में कांग्रेस के सीनियर नेता ने बीती 30 मई को अग्रिम बेल के लिए अर्जी दी थी. अपनी याचिका में चिदंबरम ने बताया कि मामले में सभी साक्ष्य दस्तावेज के रूप में हैं, जो मौजूदा सरकार के पास हैं और उनके पास से कुछ भी प्राप्त होना बाकी नहीं है. (इनपुट एजेंसी)