नई दिल्ली: नागर उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत संचालित उड़ानों में अगर मुफ्त टिकट की पेशकश की जाती तो एयर इंडिया सहित भारतीय एयरलाइनों की वित्तीय हालत और अधिक प्रभावित होती. कोरोना वायरस महामारी की वजह से एयरलाइनों की वित्तीय हालत पर गहरा प्रभाव पड़ा है. Also Read - राज्यसभा चुनाव: हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर हो सकते हैं भाजपा उम्मीदवार

राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में पुरी ने बताया ‘‘कोविड-19 महामारी का पूरे वैश्विक नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ा है . घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर रोक के मद्देनजर एयर इंडिया और अन्य भारतीय एयरलाइनें भी घोर वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं.’’ पुरी ने कहा ‘‘वंदे भारत मिशन के तहत संचालित उड़ानों में अगर मुफ्त टिकट की पेशकश की जाती तो एयर इंडिया सहित भारतीय एयरलाइनों की वित्तीय हालत और अधिक प्रभावित होती.’’ Also Read - चीन के लिए दो उड़ानें और संचालित करेगा भारत, जानिए आखिर क्या है वजह

केंद्र सरकार ने छह मई से वंदे भारत मिशन शुरू किया था. यह मिशन भुगतान के आधार पर विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से, विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया था. कोविड-19 महामारी की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भारत में 23 मार्च से रोक लगा दी गई थी. पुरी ने बताया कि 6 मई से 31 अगस्त से कुल 5,817 उड़ानें वंदे भारत मिशन के तहत संचालित की गईं और विभिन्न देशों से भारतीयों को लाया गया. Also Read - मीटिंग में बोले मंत्री हरदीप सिंह पुरी, इस साल तक Air India का कर देंगे निजीकरण

(इनपुट भाषा)