इलाहाबाद: अखाड़ा परिषद ने अपनी बैठक में एक बड़ा फैसला लिया है. इसमें देश के फर्जी बाबाओं की तीसरी सूची जारी की, जिसमें दो बड़े नाम शामिल किए हैं. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की इस सूची में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज और श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस के सदस्य आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम शामिल हैं. महंतों ने 2019 में अगले कुंभ के शाही स्‍नान के बहिष्‍कार की भी घोषणा कर दी है. इलाहाबाद में शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में महंतों ने प्रदेश की योगी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और विरोध में 2019 के कुंभ के शाही स्नान नहीं करने का एलान कर दिया है.Also Read - NTPC: एनटीपीसी का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 27.35 प्रतिशत बढ़कर 3 हजार करोड़ रुपये के पार

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चक्रपाणि और प्रमोद कृष्णम किसी संन्‍यासी परंपरा से नहीं
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबाओं की तीसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज और श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस के सदस्य आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम शामिल है. परिषद ने कहा कि यह दोनों बाबा किसी संन्यासी परंपरा से नहीं आते. Also Read - पारिवारिक झगड़े से गुस्‍साई लड़की ने घर छोड़ा, कुछ ही घंटे के अंदर दो बार हुई गैंगरेप की शिकार

13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने जारी की सूची
बाड़ा उदासीन अखाड़ा कीडगंज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. इसमें फर्जी बाबा की सूची जारी करने के साथ ही इलाहाबाद में 2019 में होने वाले कुंभ पर्व की तैयारियों की समीक्षा की गई. इस बैठक में 13 आखड़ों के प्रतिनिधि शामिल थे.

अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष, दूसरे कांग्रेस नेता
इस बैठक में परिषद ने फर्जी बाबाओं की तीसरी सूची जारी करते हुए चक्रपाणि महाराज और आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम डाला है. स्वामी चक्रपाणि महाराज अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष है. वहीं, आचार्य प्रमोद कृष्णम श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस नेता हैं।

कुंभ की तैयारियों को बताया नाकाफी
अखाड़ा परिषद ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया और गंगा को निर्मल करने के लिए उचित प्रयास न होने और सड़कों के चौड़ीकरण में विलंब के विरोध में शाही स्नान न करने का एलान किया. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोई भी साधू-संत सरकारी सेवाओं का उपयोग नहीं करेगा. इस संदर्भ में महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि कुंभ की तैयारियां संतोषजनक नहीं है वह शाही स्नान का विरोध करेंगे. (इनपुट- एजेंसी)