लखनऊः उत्तरप्रदेश के लोकसभा उपचुनाव में मिली जीत से समाजवादी पार्टी की बांछे खिली हुई हैं. ऐसे में सपा ने बसपा से हाथ मिलाने के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर सहयोग के लिए कदम बढ़ाया है. अखिलेश यादव ने पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा को रांची में लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात करने को कहा है, ताकि 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी से लड़ने के लिए मजबूत गठबंधन बनाया जा सके. Also Read - बिहार में तेजस्वी से मिल रहे चिराग पासवान के सुर, सियासी बाजार गर्म

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरप्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से ही बीजेपी के मजबूत किले को ध्वस्त करने में सफलता मिली है. इसी को देखते हुए समाजवादी पार्टी अब बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों को एक मंज पर लाने का प्रयास कर रही है. इसी क्रम में सपा उपाध्यक्ष किरणमय नंदा 24 मार्च को लालू यादव से मुलाकात करेंगे. यह मुलाकात राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हो सकती है, जहां आरजेडी प्रमुख लालू यादव को सीने में दर्द की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया है, किसी कारणवश अगर यहां मुलाकात नहीं हो पाई तो रांची में बिरसा मुंडा जेल में होगी. Also Read - तेजस्वी यादव बोले- बिहार में शवों के ढेर पर चुनाव कराना सही नहीं, क्या नीतीश को राष्ट्रपति शासन का डर है?

लालू के बाद तेजस्वी से भी होगी मुलाकात

टीओआई के मुताबिक, किरणमय नंदा ने बताया कि उन्होंने पहले ही जेल के अधिकारियों से मुलाकात की इजाजत ले ली है. लालूजी से मिलने के बाद वे तेजस्वी यादव से भी भेंट करेंगे. उन्होंने दावा किया कि आरजेडी ने हमेशा सपा को समर्थन दिया है, लालू यादव किसी भी चुनावी हित के बिना सपा के पास खड़े थे और पहले भी पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेते थे. वे अखिलेश यादव की तरफ से विपक्षी एकता का संदेश रखेंगे. उन्होंने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव से पहले, केंद्र सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने और बेरोजगार युवकों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन उसने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं. ऐसे में समय आ गया है जब सभी पार्टियों को एक साथ आ जाना चाहिए.

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