नई दिल्ली/लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के लिए यूपी के लिए गठबंधन का ऐलान कर दिया. मायावती ने कहा कि बसपा और सपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. वहीं अमेठी और रायबरेली को बिना गठबंधन के कांग्रेस के लिए छोड़ दिया है. वहीं, दो सीट को छोट दल के लिए छोड़ा है. इसके पहले बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली है.

मायावती ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार शिवपाल यादव सहित कई छोटी पार्टियों और जाति-धर्म पर आधारित पार्टियों के मार्फत माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगी. जनता को इससे सचेत रहना है. मायावती ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए भी कहा कि सिर्फ और सिर्फ देश हित में उन्होंने उस केस को भुला दिया है और सपा से गठबंधन का फैसला लिया है.

अखिलेश ने ये कहा
दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने कहा कि सपा और बसपा का ये गठबंधन सिर्फ चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि बीजेपी के अत्याचारों के खिलाफ मुकाबला करने वाला गठबंधन है. मायावती के खिलाफ जिस दिन से अशोभनीय टिप्पणी शुरू हुई थी, उसी दिन से हमने गठबंधन का फैसला ले लिया था. इतना ही नहीं बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान बीएसपी-सपा के उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को छल-बल से चुनाव लड़ाया था. इसके बाद हमने फैसला लिया था कि दो कदम पीछे भी हटना पड़ेगा तो हटेंगे, लेकिन गठबंधन करके रहेंगे.

सपा कार्यकर्ता मायावती का सम्मान करें
अखिलेश ने कहा कि आज से सपा का हर नेता मायावती का सम्मान करेगा. मायावती का सम्मान करना मेरा सम्मान है और मायावती का अपमान करना मेरा अपमान है. ऐसा में सपा कार्यकर्ताओं को इस बात का हमेशा खयाल रहना होगा. इस दौरान बीजेपी से सचेत रहना होगा. बीजेपी की साजिश को नाकाम करना होगा.