नई दिल्ली. इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन की सारी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो गई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से 37-37 पर दोनों दलों के चुनाव लड़ने का पहले ही फैसला हो गया है. अब इस बारे में सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा की प्रमुख मायावती औपचारिक ऐलान करेंगे. ये दोनों नेता शनिवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं. इसी सम्मेलन में गठबंधन का ऐलान किया जाएगा.

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा की बुरी हार के बाद से ही दोनों दलों के बीच महागठबंधन की जरूरत पर चर्चा शुरू हो गई थी. इसका नमूना राज्य में हुए उपचुनावों में देखने को मिला. दोनों दलों ने संयुक्त प्रत्याशी खड़े कर गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में हुए लोकसभा के अहम उपचुनाव जीत लिए. इसके बाद से ही राज्य के प्रमुख दलों सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस के बीच महागंबधन की चर्चा होने लगी.

कांग्रेस को जगह नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए गठबंधन में कांग्रेस को जगह नहीं दी जा रही है. दोनों दल 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हालांकि वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी और सोनिया गांधी की रायबरेली सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. इसके अलावे बाकी की चार सीटें वे रालोद और अन्य छोटी पार्टियों को देंगे.

रालोद को मिल सकती है जगह
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के इस महागठबंधन में रालोद को दो से तीन लोकसभा सीटे देने पर विचार किया जा सकता है. मंगलवार को रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनके कार्यालय में मुलाकात भी की थी .सपा कार्यालय में मंगलवार को अखिलेश से मुलाकात के बाद रालोद उपाध्यक्ष चौधरी ने कहा था कि अखिलेश के साथ राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई. उनसे पूछा गया था कि क्या गठबंधन में रालोद को मिलने वाली सीटों पर भी चर्चा हुई इस सवाल को उन्होंने टालते हुये कहा कि ‘सीटों की बेचैनी मीडिया को है, सारी बाते साफ होंगी, सस्पेंस बनायें रखें .’ लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन के सवाल को वह टाल गये थे.