नई दिल्ली. हिंदी हर्ट लैंड (मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़) विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित कांग्रेस को सोमवार को अखिलेश यादव और मायावती ने झटका दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश और मायावती तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जा रहे हैं. ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह के बहाने कांग्रेस के विपक्षी एकता के प्रदर्शन को झटका लगा है. Also Read - बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा- भाजपा में ब्राह्मणों को नहीं मिल रहा सम्मान, योगी सरकार सपा के नक्शे कदम पर

बता दें कि सोमवार को राजस्थान के जयपुर में अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के भोपाल में कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के रायपुर में भूपेश बघेल का शपथ ग्रहण समारोह है. इसमें कांग्रेस ने विपक्ष के कई नेताओं को आमंत्रित किया था. कहा जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विपक्षी एकता को मजबूत करने और उसके प्रदर्शन की एक बड़ी कोशिश है. इसमें देश के कई राज्यों की पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की सूचना थी. Also Read - Diamond Park: अब पन्ना के 'हीरा' की कहानी जानेगी पूरी दुनिया...

तय था अखिलेश-माया का कार्यक्रम!
रविवार तक यह तय था कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में बीजेपी की हार के बाद अखिलेश ने ट्वीट कर निशाना साधा तो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. ऐसे में कहा जा रहा था कि बसपा और सपा ने 2019 से पहले एका दिखाने की कोशिश की है और इसका असर चुनाव पर भी पड़ेगा. लेकिन ऐन वक्त पर दोनों ने कार्यक्रम से किनारा कर लिया है. Also Read - बीजेपी से पहले से ही सांठगांठ, मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल: समाजवादी पार्टी

राहुल रहेंगे मौजूद
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तीनों राज्यों के शपथ ग्रहण समारोह में जा रहे हैं. इसमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, कर्नाटक सीएम कुमारस्वामी, जम्मू-कश्मीर के पू्व सीएम फारुख अब्दुल्ला के भी शामिल होने की बात की जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस ने इसमें आम आदमी पार्टी को भी आमंत्रित किया है और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के इसमें शामिल होने की संभावना भी है.

ये भी रहेंगे मौजूद
आंध्र प्रदेश सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी इसमें शामिल होंगे. एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल, टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी और एलजेडी नेता शरद यादव के भी इसमें शामिल होने की बात की जा रही है. साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन, झारखंड विकास मंच के नेता बाबूलाल मरांडी, राजू सेट्टी और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी भी इसमें शामिल होंगे.