नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि भाजपा सरकार ‘ऐतिहासिक गिरावटों’ का कीर्तिमान स्थापित करके जाएगी. अखिलेश ने ट्वीट किया कि भाजपा की सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में कई ‘ऐतिहासिक गिरावटों’ का कीर्तिमान स्थापित करके जायेगी. उधर, कांग्रेस ने भी केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देश में आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति बन गयी है. केंद्र के पास राज्यों को जीएसीटी राजस्व क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिए देने को धन नहीं हैं.

 

जीडीपी में गिरावट पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ऐतिहासिक गिरावटों का कीर्तिमान स्थापित करके जाएगी. उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में जीडीपी की गिरावट (सामाजिक क्षेत्र में सौहार्द की गिरावट) राजनीति में सत्ताधारियों की नैतिकता की गिरावट व मानसिक क्षेत्र में उम्मीदों की गिरावट. उल्लेखनीय है कि कानून व्यवस्था और आर्थिक मोर्चे पर अखिलेश भाजपा सरकार को लगातार घेरते आए हैं.


देश में आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति बन गयी है : कांग्रेस
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि देश में ‘‘आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति बन गयी है और केंद्र के पास राज्यों को जीएसीटी राजस्व क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिए देने को धन नहीं हैं. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चंडीगढ़ में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यों को वह जीएसीटी की हिस्सेदारी क्यों नहीं दे रहे हैं. यह शुक्रवार को स्पष्ट हुआ जब यह बात सामने आयी कि राजकोषीय घाटा 102.4 फीसदी तक पहुंच चुका है. जबकि 2019-20 के अनुमानित बजट में अक्टूबर के अंत तक इसे लेकर 7.2 लाख करोड़ का अनुमान लगाया गया था.

सरकार के पास पैसा नहीं: सुरजेवाला
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इसका मतलब यह हुआ कि सरकार के पास पैसा नहीं है और यही कारण है कि वह जीएसटी में राज्यों का हिस्सा अपने पास रखे हुए है . यह देश में आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्य हैं जिन्हें जीएसटी की क्षतिपूर्ति का हिस्सा नहीं दिया गया है. इस महीने की 20 तारीख को पंजाब, पश्चिम बंगाल, केरल, दिल्ली और राजस्थान के वित्त मंत्रियों ने बिना किसी देरी के जीएसटी क्षतिपूर्ति देने का आग्रह केंद्र सरकार से किया था. अकेले पंजाब की ही 4100 करोड़ रुपये की राजस्व क्षतिपूर्ति बकाया है .