नई दिल्ली, 7 दिसंबर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि योजना आयोग के स्थान पर बनाई जाने वाली नई संस्था में केंद्र और राज्य दोनों की बराबर हिस्सेदारी होनी चाहिए। वह यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योजना आयोग के पुनर्गठन पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों का मत जानने के लिए बुलाई गई बैठक में बोल रहे थे।  उन्होंने कहा, “बैठक के संबंध में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर मेरा मानना है कि इस नई संस्था में राज्य और केंद्र दोनों की हिस्सेदारी बराबर होनी चाहिए।”

यादव ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के राज्यों के सर्वागीण विकास के लिए संस्था में उनका प्रतिनिधित्व आवश्यक है।  अखिलेश के भाषण की एक प्रति पत्रकारों को सौंपी गई है। उन्होंने अपने भाषण में कहा, “प्रस्तावित संस्था में राज्य का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए ताकि उनका सर्वागीण विकास बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित हो सके और संघीय ढांचे का आधार मजबूत बने।” प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा था कि योजना आयोग के स्थान पर जल्द ही एक नई संस्था बनाई जाएगी।

योजना आयोग की कल्पना देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी। इसकी स्थापना 15 मार्च, 1950 को हुई थी और इसके साथ ही पंचवर्षीय योजनाओं का भी उदय हुआ था।