लखनऊ: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) के लिए धनराशि आवंटित किए जाने के बाद कहा कि इससे राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (National Citizenship Register) के पीछे छिपे मकसदों का भंडाफोड़ हो गया है. अखिलेश ने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘जब सरकार ने ख़ुद ही राज्यसभा में कहा है कि एनपीआर ही एनआरसी का आधार होगा तो ये भाजपाई और कितना झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करेंगे. इनके ‘छिपे उद्देश्यों’ का अब भंडाफोड़ हो चुका है.’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को खण्डित करने वालों की चला-चली की बेला आ गयी है. देश एक था, एक है, एक रहेगा.Also Read - बाबरी मस्जिद को लेकर ट्विटर पर फैला अखिलेश यादव का फर्जी बयान, सपा ने कराया मुकदमा

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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनगणना 2021 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने के लिए मंगलवार को लगभग 12700 करोड रुपए मंजूर कर दिए. इसमें 3941.35 करोड़ रुपये एनपीआर अपडेट करने के लिए हैं. हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एनपीआर का एनआरसी से कोई ताल्लुक नहीं है.