दिल्ली आतंकी हमला: लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर को ED ने किया अरेस्ट, घर से मिले 48 लाख रुपये

Delhi Blast Case Update: फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद सिद्दीकी को ED ने दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है. छापेमारी में 48 लाख रुपये नकद और कई जरूरी सबूत मिले.

Published date india.com Updated: November 18, 2025 11:46 PM IST
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दिल्ली आतंकी हमले मामले में एक अपडेट मिला है.  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर और ट्रस्ट के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली ब्लास्ट मामले में अब तक जितने भी खुलासे हुए हैं, उनमें इस यूनिवर्सिटी का कनेक्शन सामने आया. क्योंकि इस ब्लास्ट का मुख्य आरोपी उमर नबी इसी यूनिवर्सिटी का छात्र था. इतना ही नहीं, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में पकड़े गए कई संदिग्ध भी अल-फलाह से जुड़े मिले.

UGC ने बताया यूनिवर्सिटी का सच

ईडी को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की दो FIRs से पता चला कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने अपने स्टेटस और मान्यता को लेकर बड़े पैमाने पर गलत जानकारी फैलाई. यूनिवर्सिटी ने खुद को NAAC से मान्यता प्राप्त बताया, जबकि कुल मिलाकर UGC ने साफ किया कि संस्थान केवल UGC Act की धारा 2(f) के तहत एक स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी है और उसने धारा 12(B) के लिए कभी आवेदन भी नहीं किया.

फंड में होती थी हेराफेरी

ED की जांच में सामने आया कि अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, जिसकी स्थापना 1995 में हुई थी, पूरी तरह जावेद सिद्दीकी और उनके परिवार के कंट्रोल में था. ट्रस्ट के फंड का इस्तेमाल नियमों के हिसाब से न होकर, निजी और परिवार से जुड़े कामों में किया गया. ट्रस्ट में आने वाला पैसा कथित तौर पर परिवार की कंपनियों में ट्रांसफर होता रहा, और यूनिवर्सिटी के निर्माण व कैटरिंग के कॉन्ट्रैक्ट भी परिवार के ही लोगों को दिए गए.

छापेमारी में डिवाइस और कई दस्तावेज मिले

18 नवंबर को दिल्ली और फरीदाबाद में 19 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें यूनिवर्सिटी के दफ्तर, जावेद सिद्दीकी का घर और उनसे जुड़े कई अन्य स्थान शामिल थे. इस दौरान 48 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए. ED का दावा है कि इन दस्तावेजों और सबूतों से यह साफ हो जाता है कि फंड किस तरह गलत तरीके से ट्रांसफर किए गए और किन उद्देश्यों के लिए उपयोग हुए. इन सबूतों के आधार पर जावेद सिद्दीकी को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया.

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