Uttarakhand: राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राज्य में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करने पर असंतोष जताया है और कहा है कि अगर पार्टी उन्हें यह जिम्मेदारी देती है तो इसे पूरी तरह निभाएंगे, लेकिन किसी दूसरे का चयन करती है तो भी वह उसका पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया तो भाजपा अपने संगठन और धनबल की बदौलत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है.Also Read - Punjab Politics: सीएम कैप्टन अमरिंदर की आज होगी अग्निपरीक्षा, शाम 5 बजे बुलाई गई है विधायक दल की बैठक

बता दें कि पिछले दिनों भी रावत ने सार्वजनिक रूप से यह टिप्पणी की थी कि पार्टी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए. इसके बाद वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं के निशाने पर आ गए थे. इसे कांग्रेस में गुटबाजी के तौर पर भी देखा जा रहा है. उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होना है और ऐसे में रावत का असंतोष पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है. Also Read - Uttarakhand News: त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद आज उत्तराखंड को मिलेगा नया सीएम? भाजपा की बैठक में तय होगा नाम

कांग्रेस महासचिव रावत ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ”पार्टी के सामने चुनाव में कोई असमंजस नहीं होना चाहिए और जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन चेहरा है. कांग्रेस के लिए यह जरूरी है क्योंकि भाजपा हर चुनाव को ‘मोदी बनाम कांग्रेस के स्थानीय नेता बना देती है. चुनाव को स्थानीय मुद्दों पर लाने के लिए चेहरे की जरूरत है.” Also Read - Bihar: सोनिया गांधी-मायावती को मिले भारत रत्न, नीतीश कुमार ने कसा तंज-पहले ही दिलवा देते...

उन्होंने कहा, ”अमरिंदर सिंह को पंजाब में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया तो हमें फायदा हुआ. हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम आगे किया तो हारा हुआ लग रहे चुनाव में हम बराबर की लड़ाई में आ गए. शीला दीक्षित को आगे किया तो दिल्ली में लोकसभा चुनाव में हम नंबर दो पर रहे. इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि चेहरा होने से असमंजस नहीं रहेगा जिसका हमें फायदा होगा.”

रावत के मुताबिक, पहले कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की परंपरा थी, लेकिन फिर इसमें बदलाव कर दिया गया और अब हालात बदल रहे हैं तो इस परंपरा को बदलना चाहिए, इसीलिए राज्य में चेहरा जल्द घोषित करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”चेहरा घोषित नहीं होने की स्थिति में मेरा मानना है कि यदि प्रचंड हवा नहीं चली तो भाजपा अपनी संगठनामक श्रेष्ठता और धनबल की श्रेष्ठता के आधार पर हम पर भारी पड़ सकती है.”