नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में कल देर रात गिरफ्तार आतंकी से दिल्ली पुलिस पूछताछ करेगी. दिल्ली पुलिस की ये पूछताछ इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जम्मू पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किया गये आतंकी की दिल्ली जाने की योजना थी और वह विस्फोटक दिल्ली में ही किसी को देने वाला था.

दिल्ली पुलिस की विशेष सेल पहुंची जम्मू
दिल्ली पुलिस की विशेष सेल की एक टीम जम्मू में है और पकड़े गए आतंकी दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतिरोपारा के रहनेवाले अरफान वानी से पूछताछ करेगी. आईजीपी (जम्मू) एसडीएस जामवाल ने बताया कि बीए की पढाई बीच में ही छोड़कर पिछले एक साल से वानी आतंकी गतिविधियों में लगा हुआ था. वानी के पास से आठ जिंदा ग्रेनेड और 60,000 रुपये नकद बरामद हुए हैं और इस बात की सम्भावना है कि इन विस्फोटकों को स्वतंत्रता दिवस पर धमाके के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था.

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जामवाल ने आगे कहा कि खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए जम्मू में कल देर रात पुलिस ने गांधी नगर क्षेत्र में एक बस को रोककर वानी को गिरफ्तार किया. खुफिया इनपुट से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली है कि लश्कर-ए-तैय्यबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्माद (जेईएम) और हिजबुल मुजाहिदीन जम्मू और नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को हमले की साजिश रच रहे हैं. इस खुफिया जानकारी को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.

अल कायदा से जुड़ा है अंसार गजवत-उल-हिंद
आईजीपी जामवाल ने यह भी कहा कि जम्मू पुलिस की पूछताछ के दौरान 25 साल के आतंकी ने बताया कि वो जाकिर मूसा के अंसार गजवत-उल-हिन्द आतंकी गुट से जुड़ा हुआ था. आतंकी ने गुट के एक दूसरे बड़े आतंकी रेहान से दिशा-निर्देश लेना भी क़ुबूल किया.

जाकिर मूसा हिज्बुल मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर है जो अब कश्मीर में अल कायदा का मुखिया बना बैठा है. इस समय कश्मीर में सक्रिय आतंकियों में जाकिर मूसा काफी खतरनाक है. सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में भी यह खूंखार आतंकी सबसे ऊपर है. दरअसल अंसार गजवत उल हिंद कश्मीर में सक्रिय अल कायदा का ही गुट है.