AMU centenary celebration: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना को आज 100 साल पूरे हो गए हैं. इस अवसर पर मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. पीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज एएमयू से तालीम लेकर निकले सारे लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों पर ही नहीं बल्कि दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हुए हैं. एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं. Also Read - Republic Day 2021 PM Modi Look: गणतंत्र दिवस के लिए इस जगह से मंगवाई गई पीएम मोदी की खास पगड़ी, See Photos

पीएम ने कहा कि समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए. जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें. Also Read - Republic Day पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दी बधाई, जानें क्या है आज का कार्यक्रम

AMU ने भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया Also Read - जिस सशक्त भारत की कल्पना नेताजी ने की थी आज देश उसी नक्शे कदम पर चल रहा है: पीएम मोदी

पीएम ने कहा कि बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है. यहां उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है.

मुस्लिम बेटियों को आगे बढ़ाना है लक्ष्य

उन्होंने कहा कि मुस्लिम बेटियों का स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज़्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है. पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं. मुस्लिम बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम से कम हो इसके लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है.

कोरोना संकट काल में AMU ने समाज की मदद की, अभूतपूर्व है

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है. हज़ारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है.

पीएम के इस संबोधन को अलीगढ़ के अलावा दुनिया के 100 से अधिक देशों में सुना जा रहा है. एक अनुमान के मुताबिक, देश और दुनिया में एक करोड़ से अधिक लोग प्रधानमंत्री के संबोधन को सुन रहे हैं,

केंद्रीय शिक्षामंत्री ने कहा-आज का दिन ऐतिहासिक है

शताब्दी समारोह का कार्यक्रम निर्धारित समय पर कुरानी ख्‍वानी के साथ  शुरू हो गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सर सैयद अहमद खां को श्रद्धांजलि दी और कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. 1964 के बाद पीएम हमारे बीच हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में एएमयू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. हर क्षेत्र में एएमयू ने कई विलक्षण प्रतिभाएं पैदा की हैं.

100 साल पहले यानि दिसंबर 1920 में तत्कालीन कुलपति मोहम्मद अली मोहम्मद खान राजा साहब ने औपचारिक रूप से एएमयू की शुरुआत की थी. बता दें कि ये मौका बहुत खास है क्योंकि 56 साल के बाद कोई प्रधानमंत्री अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अपना संबोधन देगा. इससे पहले 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने एएमयू के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था.

हालांकि कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का विरोध करने की बात कही है लेकिन अधिकांश छात्र कहते हैं कोरोना नहीं होता तो प्रधानमंत्री को यहां आते और हम उनका स्वागत करते.