Alive Man Demands Own Death Certificate West Bengal Sir Draft List Municipal Office
'मैं मरा नहीं हूं...' डेथ सर्टिफिकेट लेने नगर पालिका ऑफिस पहुंचा जिंदा शख्स, सब रह गए दंग
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां चुनाव आयोग की SIR ड्राफ्ट लिस्ट में जिंदा इंसान को मृत घोषित कर दिया. जैसी ही ये उस इंसान को पता चला वो अपना डेथ सर्टिफिकेट लेने नगरपालिका कार्यालय पहुंच गया.
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में एक शख्स अपना डेथ सर्टिफिकेट लेकर नगर पालिका के ऑफिस पहुंचा. जिसके बाद हर कोई हैरान रह गया. बता दें कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में सामने आई चुनाव आयोग की SIR ड्राफ्ट लिस्ट में एक इंसान को मृत घोषित कर दिया था. जब कालना नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 में रहने वाले पूर्ण साहा को इस बारे में जानकारी मिली तो वो खुद अपना डेथ सर्टिफिकेट लेने नगरपालिका कार्यालय पहुंच गए. जिसके बाद वहां सभी अधिकारी हैरान रह गए.
पूर्ण साहा ने नगरपालिका ऑफिस में पहुंचकर अधिकारियों से कहा, ‘मैं जीवित हूं, लेकिन मुझे मृत दिखाया गया है. चुनाव आयोग की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मैं मरा हुआ हूं. इसलिए मैं अपना डेथ सर्टिफिकेट लेने आया हूं.’ पूर्ण साहा की ये बात सुनकर हर कोई चौंक गया और वहां मौजूद कर्मचारी हक्के-बक्के रह गए. पूर्ण साहा ने व्यंग्यपूर्ण अंदाज में डेथ सर्टिफिकेट मांग इसलिए की ताकि बीएलओ की लापरवाही को सामने लाया जा सके.
‘फॉर्म रिसीव करने के बजाय मुझे मृत घोषित किया’
पूर्ण साहा के अनुसार, उन्होंने अपना एसआईआर जनगणना फॉर्म जमा समय पर जमा किया था. जिसमें बीएलओ ने फॉर्म रिसीव करने के बजाय उन्हें मृत घोषित कर दिया. पूर्ण साहा की पत्नी ने बताया कि जिस समय फॉर्म भरा जा रहा था वो वहां गई थीं. लेकिन फॉर्म अंग्रेज़ी में था इसलिए वो पढ़ नहीं पाईं. अब नगरपालिका के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है.
‘ऐसी गलतियां हुईं है कई लोगों के साथ’
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गलतियां कई और लोगों के साथ भी हुई हैं. इस ड्राफ्ट लिस्ट के सामने आने के बाद राज्य भर में बड़ी संख्या में नामों को लेकर विवाद शुरू हो रहा है.
‘वैध मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश’
इस मामले को लेकर पूर्वी बर्धमान जिले के बीएलओ ने मीडिया से बात करने से साफ इनकार कर दिया. साथ ही कहा है कि जब तक उनके सामने जीवित व्यक्ति नहीं आएगा वो इस बात को नहीं मानेंगे. इस मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है जिसके बाद ये विवाद बड़ा हो गया है. इस मामले को लेकर पूर्वी बर्धमान जिले के तृणमूल कांग्रेस आईएनटीटीयूसी अध्यक्ष संदीप बसु ने ये आरोप लगाया कि ये चुनाव आयोग की साजिश है कि वो वैध मतदाताओं के नामों को लिस्ट से बाहर करना चाहते हैं.
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