नोएडा: प्रदूषण की वजह से गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल मंगलवार तक बंद रहेंगे. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद प्रशासन ने कहा कि यह फैसला दीवाली के बाद से वातावरण में पीएम10 और पीएम 2.5 के बढ़े स्तर और उसकी वजह से खराब हुई हवा की गुणवत्ता की वजह से लिया गया है.

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गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने लिखित आदेश में कहा कि बच्चों को स्कूल ले जाने में इस्तेमाल होने वाले वाहनों से बड़ी मात्रा में पीएम2.5 और पीएम10 का उत्सर्जन होता है तथा ऐसे वाहनों के परिचालन से स्थिति और खराब होगी. इसलिए गौतमबुद्ध नगर जिले में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को चार नवंबर और पांच नवंबर को भी बंद रखने का फैसला किया गया है. प्रदूषण से बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले असर को रेखांकित करते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया है. दिल्ली सरकार शुक्रवार को ही सभी स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने की घोषणा कर चुकी है. हरियाणा में स्कूली शिक्षा विभाग ने गुरुग्राम और फरीदाबाद के जिला उपायुक्तों को दिए आदेश में कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि सोमवार और मंगलवार को सभी सरकारी एवं निजी स्कूल बंद रहे.

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रविवार शाम चार बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 के करीब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार से रविवार शाम चार बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक नोएडा में 495, ग्रेटर नोएडा में 482, गाजियाबाद में 491, गुरुग्राम में 486 और फरीदाबाद में 496 रहा. सभी शहरों में यह ‘ गंभीर’ श्रेणी में है जिससे लोगों की सेहत, खासतौर पर मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ेगा. गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की ओर से अधिकृत पैनल ने गंभीर हालात से निपटने के लिए शुक्रवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए सभी निर्माण कार्यों और पटाखा जलाने पर रोक लगा दी थी.

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