नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने शुक्रवार को कहा कि सारे कश्मीरियों के पास देश के अन्य नागरिकों के समान अधिकार होने चाहिए. उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में रखे जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका पर हुई सुनवाई के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए सारा ने कहा कि उन्हें जल्दी सुनवाई की उम्मीद है क्योंकि मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण का है. Also Read - Shopian-Tral Encounter: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों-आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अबतक पांच आतंकी मारे गए

उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास है. उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां इसलिए हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि सभी कश्मीरियों को भारत के सभी नागरिकों के समान अधिकार मिलना चाहिए और हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं.’’ Also Read - Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के शोपियां में मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि इसपर दो मार्च को सुनवाई होगी. Also Read - जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को किया ढेर, भाजपा नेता की हत्या में थे शामिल

(इनपुट भाषा)