नई दिल्लीः नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में पूर्वोत्तर राज्य से शुरू हुआ विरोध अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है. रविवार को जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में भड़की हिंसा के बाद दिल्ली के लगभग 13 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था. प्रशासन ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने और हिंसा अधिक न फैले इसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया था. बंद किए गए 15 मेट्रो स्टेशनों को सोमवार की सुबह खोल दिया गया. सभी स्टेशन पर सेवाए पहली की तरह शुरू कर दी गई हैं.

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद दक्षिणपूर्वी दिल्ली में हिंसा के मद्देनजर डीएमआरसी ने पुलिस की सलाह के बाद रविवार शाम को करीब 13 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए थे. डीएमआरसी ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘ सुरक्षा अद्यतन. सभी स्टेशनों पर प्रवेश एवं निकास द्वार खोल दिए गए हैं. सभी स्टेशनों पर सामान्य सेवाएं बहाल कर दी गई हैं’’

आपको बता दें कि दिल्ली में जामिया नगर में छात्रों पर पुलिस की लाठीचार्ज के विरोध में रात को आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय में कई छात्रों ने प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के अलावा जेएनयू और कई यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हुए. छात्रों के इस प्रदर्शन को एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने भी ट्वीट करके समर्थन दिया था.

पुलिस ने कुल 50 छात्रों को हिरासत में लिया था. जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 50 छात्रों में से 35 कालकाजी पुलिस थाने और 15 न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस थाने से रिहा किए गए हैं.

नागरिकता (संशोधन) कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में पुलिस के साथ झड़प हो गई थी, इसमें प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की चार बसों और दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी. झड़प में छात्रों, पुलिसकर्मियों और दमकलकर्मी समेत करीब 60 लोग घायल हो गए थे.

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) चिन्मय बिस्वाल ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को सिर्फ पीछे हटने के लिए कहा गया था और पुलिस ने इसमें किसी तरह का कोई बल प्रयोग नहीं किया और न ही गोलीबारी हुई. हालांकि उन्होंने माना कि परिसर के भीतर से पत्थरबाजी होने पर पुलिस ने प्रवेश करके उद्रवियों की पहचान करने की कोशिश की.