नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है. जयशंकर ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है.’’ उन्होंने यहां विश्व आर्थिक मंच के सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बैठक में कश्मीर मुद्दा सामने नहीं आया.

वैश्विक मंच पर भारत के एक शक्तिशाली राष्ट्र के तौर पर उभरने और इसका झुकाव किस ओर होगा, विशेषज्ञों के यह अनुमान लगाने के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सबसे बड़ा लोकतंत्र पश्चिम एवं विकसित देशों का मिला-जुला रूप होगा. उन्होंने कहा, “अक्सर यह सवाल उठता है कि भारत पूर्वी ताकत होगा या पश्चिमी ताकत के तौर पर उभरेगा अर्थात यह लोकतांत्रिक शक्ति होगा या अलोकतांत्रिक? मेरे विचार में 70 वर्षों में अब कम से कम इस सवाल का जवाब मिल गया है.”

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उन्होंने कहा, “लेकिन साथ ही मैं आपसे कहूंगा कि यह एक दक्षिणी ताकत होगा, यह विकसित देशों के साथ मजबूत संबंध रखने वाली एक शक्ति होगा जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ऊपर बढ़ने के साथ ही अन्य विकासशील राष्ट्रों का विश्वास भी अर्जित करेगा.”

(इनपुट भाषा)