नई दिल्ली. साल 2019 लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी समय हो सकता है. चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का सभी को इंतजार है. ऐसी स्थिति में सभी राजनैतिक पार्टियां जोर-जोश लगा रही हैं. बीजेपी और कांग्रेस पूरे देश पर नजर बनाए हुई हैं तो क्षेत्रीय पार्टियां अपने-अपने गढ़ को सुरक्षित रखने की जुगत में लगी हैं. ऐसे में कई राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस में सीधी टक्कर है तो कई राज्यों में दोनों पार्टियों को क्षेत्रिय दलों के समर्थन की जरूरत है.

देश में लोकसभा की कुल 545 सीटें हैं. खास बात है कि इसका 94 फीसदी मतलब 524 सीटें देश के 22 राज्यों से ही आ जाते हैं. इन 22 राज्यों को देखें तो इसमें 8 राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस की सीधी लड़ाई है. इसके इतर 7 राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच क्षत्रप आ रहे हैं और लड़ाई त्रिकोणीय होती दिख रही है. इसके अलावा अन्य राज्यों का समीकरण अलग-अलग है.

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पिछले कुछ सालों में दो राज्य सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं, इनमें पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर हैं. सियासी समीकरणों की बात करें तो दोनों राज्यों में मुकाबला बहुकोणीय है. एनडीए की बात करें तो फिलहाल उसमें 42 दल हैं. वहीं, यूपीए की बात करें तो इसमें अभी 28 दल ही हैं.

किन राज्यों में बीजेपी-कांग्रेस में सीधा मुकाबला
मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल.

किन राज्यों में यूपीए-एनडीए में मुकाबला
कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार, महाराष्ट्र

किन राज्यों में बीजेपी का यूपीए से मुकाबला
पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड

यहां अलग समीकरण
दूसरी तरफ कई राज्यों में इससे अलग समीकरण है. जैसे दिल्ली यूपी में बीजेपी, कांग्रेस और महागठबंधन के बीच मुकाबला है. दिल्ली में बीजेपी, कांग्रेस और आप के बीच मुकाबला. पंजाब में कांग्रेस का सीधा मुकाबला एनडीए और आप से है. तेलंगाना में बीजेपी और यूपीए का मुकाबला टीआरएस से है. केरल में वामदल का मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी से है. ओडिशा में बीजद का मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी से है.