नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संसद में गतिरोध समाप्त करने में नाकाम रही। कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ललित मोदी तथा व्यापमं मुद्दे पर इस्तीफे को लेकर अपने-अपने रुख पर कायम हैं। कांग्रेस ने ललित मोदी के साथ संबंधों को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और व्यापमं घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने विपक्ष की मांग खारिज कर दी। यह भी पढ़े:लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस के 25 सांसदों को किया सस्पेंड, लगातार हंगामा करने की वजह से हुई कार्रवाईAlso Read - Video: 75वें स्वतंत्रता दिवस की संध्‍या पर जगमग हुए नॉर्थ, साउथ ब्लॉक और संसद

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21 जुलाई को शुरू हुए मानसून सत्र के प्रथम दो सप्ताह विपक्ष की मांग को लेकर हुए हंगामे की भेंट चढ़ गए हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक गतिरोध समाप्त करने के लिए शुरू हुआ, लेकिन कांग्रेस इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़ी रही। Also Read - Delhi: विपक्ष ने न‍िकाला मार्च, क‍िया प्रदर्शन, BJP ने कहा- राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस ने जो दिखाया, उससे लोकतंत्र शर्मसार

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पहले इस्तीफा फिर सदन की कार्यवाही की अपनी मांग पर अड़ी हुई है। हालांकि, अन्य पार्टियों की राय है कि सदन को चलने देना चाहिए और विभिन्न विषयों पर चर्चा कराई जानी चाहिए।”

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने बैठक बुलाई है, लेकिन यह भी कहा कि दुर्भाग्यवश यह अपनी शर्तो पर इसे चलने देना चाहती है। उन्होंने कहा, “इस तरह से लोकतंत्र नहीं चलता। विपक्ष गतिरोध समाप्त करना चाहता है, लेकिन हमारी मांग साफ है, पहले इस्तीफा, फिर सदन की कार्यवाही।”