नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को गंभीर खतरा बताते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट भेजा है. इसमें नए नियम बताने के साथ मंत्रालय ने यह भी स्प्ष्ट कर दिया है कि मंत्री और शीर्ष अधिकारी भी पीएम की सुरक्षा में तैनात एजेंसी की अनुमति के बिना उनके करीब नहीं जा सकेंगे. मंत्रालय ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को प्रधानमंत्री की जान को अज्ञात खतरे के प्रति आगाह किया है. Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूध से साफ की

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एजेंसियों को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बताया है कि 2019 के आम चुनावों के दरम्यान पीएम मोदी सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री की जान को खतरा हमेशा से है, लेकिन नक्सलियों की ओर से ताजा खतरे की जानकारी मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों को नए और गंभीर खतरों के बारे में आगाह कर दिया गया है. बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक माओवादी से जब्त चिट्ठी में सुरक्षा एजेंसियों को रोड शो के दोरान पीएम मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह मारने की कोशिश करने की योजना का पता चला था. Also Read - Mann Ki Baat: किसान आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने कृषि बिल को लेकर कही बड़ी बात, बोले- अब किसानों को...

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री को रोड शो से यथासंभव दूरी बनाकर रखने को कहा गया है क्योंकि इसके रास्ते पहले से निर्धारित होते हैं और हमले का खतरा ज्यादा होता है. सूत्रों ने यह भी बताया कि किसी को भी पीएम के ज्यादा नजदीक जाने की इजाजत नहीं है. यहां तक कि मंत्री और अधिकारियों को भी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की जांच के बाद ही उनके करीब जाने की अनुमति मिल सकती है. Also Read - PM kisan Samman Nidhi Yojana: एक दिसंबर से पहले कर ले यह जरूरी काम नहीं तो इस बार खाते में नहीं आएगी सातवीं किस्त

पीएम की जान पर खतरे को लेकर नए तथ्यों के सामने आने के बाद नए दिशानिर्देश मंत्रालय द्वारा तय किए गए हैं. प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हर समय उनके साथ चलने वाले क्लोज प्रोटेक्शन ग्रुप को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जरूरी न हो तो किसी को भी पीएम के नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. आम लोगों के साथ संपर्क को भी सीमित करने की इसमें चर्चा है.

पिछले महीने पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति पीएम की छह स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर उनके पैर छूने में कामयाब रहा था. सुरक्षा एजेंसियां अब पीएम की सुरक्षा में लगे कमांडो की संख्या भी बढ़ सकती हैं. अधिकारियों ने बताया कि पीएम को भी सार्वजनिक समारोहों में भागीदारी के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है. हालांकि, यह आसान नहीं है क्योंकि 2019 के आम चुनावों के लिए मोदी ही भाजपा और राजग गठबंधन के सबसे बड़े प्रचारक हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में उनकी रैलियां और सभाएं आयोजित होने की संभावना है.

गृह मंत्रालय ने खतरे की ज्यादा आशंका वाले जगहों की भी पहचान की है. इसमें माओवाद प्रभावित राज्यों में विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है. इसमें छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियां केरल की पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर खास नजर रख रही है. सरकार को अंदेशा है कि इसके तार आतंकी संगठनों से जुड़े हैं.