केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को मिले वीआईपी एनएसजी कमांडो के सुरक्षा कवर ‘जेड+’ को हटा लिया है. उन्हें जेड कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है. बिहार की सियासत में इस मुद्दे पर कोहराम मच गया है. लालू के बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप ने तो पीएम मोदी को धमकी दी है. बहरहाल, सभी के मन में यह सवाल होता है की आखिर ‘जेड प्लस’ सिक्यूरिटी होती क्या है. आइए, जानते हैं कि आखिर जेड प्लस और जेड सिक्योरिटी क्या है?

लालू की Z+ सिक्योरिटी घटाने पर भड़के तेज प्रताप, बोले- 'नरेंद्र मोदी की खाल उधड़वा दूंगा'

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भारत में बड़े नेताओं और अधिकारीयों को सुरक्षा के लिए सिक्यूरिटी दी जाती है. खतरों को देखते हुए सरकार जेड प्लस, जेड, वाई या एक्स कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला करती है. इस तरह की सुरक्षा पाने वालों में खिलाडी और एक्टर भी होते है. भारत में फिलहाल करीब 450 लोगों को इस तरह का सुरक्षा कवच मिला हुआ है.

बता दें कि जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. 10 एसपीजी और एनएसजी कमांडो होते है और बाकी पुलिस होते है. सिक्यूरिटी के पहले घेरे में एनएसजी के कमांडो होते है, जबकि दूसरे लेयर में एसपीजी के अधिकारी होते हैं. इनके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा प्रदान करते है. जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी कमांडो सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं.

वहीं, जेड कैटगरी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. साथ ही एस्कॉर्ट कार भी होती है. इसके आलावा वाई कैटगरी भी होती है जिसमें 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं.