इलाहाबाद। पिछले कुछ वर्षों में धर्मगुरु बने बैठे ढोंगी बाबाओं का तांडव सभी ने देखा है. ताजा मामला डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह का है. साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने हरियाणा में काफी उपद्रव किया था. इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ कि आखिर किस तरह के बाबाओं का अनुसरण किया जाए. इसी के मद्देनजर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने आज संगमनगरी में अपनी विशेष बैठक में 11 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है. इनमें डेरा सच्चा सौदा के गुरमीत राम रहीम, राधे मां, आसाराम बापू व निर्मल बाबा सहित 11 के नाम हैं. परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रमुख शामिल हुए.

यहां देखिए फर्जी बाबाओं की पूरी लिस्ट

1- आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी

2- सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां

3- सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता

4- गुरमीत सिंह राम रहीम सच्चा डेरा, सिरसा।

5- ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा

6- निर्मल बाबा उर्फ निर्मलप्रीत सिंह

7- इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी

8- स्वामी असीमानंद

9- ऊं नम: शिवाय

10- नारायण साईं

11- राम पाल

12- आचार्य कुशमुनि

13- बृहस्पति गिरि

14- मलखान गिरि।

बैठक के बाद फर्जी बाबाओं की सूची जारी करते हुए महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि हम यह सूची केंद्र सरकार, राज्य सरकार और विपक्षी दलों को सौंपेंगे और उनसे इन फर्जी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील करेंगे. हम सरकार से एक कानून बनाने की मांग करेंगे ताकि ऐसे फर्जी बाबाओं पर अंकुश लग सके जो किसी संप्रदाय से नहीं हैं और साधु संतों को कलंकित करने का काम कर रहे हैं.

नरेंद्र गिरि ने जनता से अपील करते हुए कहा, “लोग ऐसे बाबाओं से सतर्क रहे जो किसी परंपरा या संप्रदाय से नहीं हैं. साधु संत सन्यासी परंपरा, उदासीन परंपरा, नाथ परंपरा, वैष्णव संप्रदाय, शिव संप्रदाय आदि से आते हैं. वहीं फर्जी बाबाओं की कोई परंपरा या संप्रदाय नहीं है.”

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़ा के महंत हरि गिरि ने कहा कि बैठक में कुल 16 प्रस्ताव पारित किए गए जिसमें इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखना, 2019 के अर्द्धकुंभ मेले में उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते समय सभी साधु संतों और श्रद्धालुओं के वाहन पर टोल टैक्स माफ करना, संगम तट पर सेना के अधीन किले को खाली कराना और वहां वेणीमाधव मंदिर और अक्षयवट को दर्शन के लिए सुलभ कराना शामिल है.

उन्होंने कहा, “इसके अलावा प्रस्ताव में प्रयाग के हवाईअड्डे का नाम संगम के नाम पर रखने की भी बात शामिल है और हम योगी आदित्यराज सरकार से इस संबंध में अनुरोध करेंगे.”

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