सागरः मध्यप्रदेश के सागर जिले में चेकिंग के नाम पर हॉस्टल में रह रही छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला सामने आया है. घटना डॉ. हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की है. छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल कैंपस में गंदा नैपकिन मिलने के बाद चेकिंग के नाम पर उनके कपड़े उतरवाए गए. हॉस्टल में रह रहीं करीब 40 छात्राओं ने हॉस्टल के वॉर्डन पर आरोप लगाया है. छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल परिसर में इस्तेमाल किया हुआ सैनिटरी नैपकिन मिलने के चलते वॉर्डन ने ऐसी हरकत की. Also Read - Royal Enfield Classic 350 New Colour & JAWA Perak: Royal Enfield और JAWA की ये दोनों बाइक लॉन्ग ड्राइव में देगा रॉयल फील, लुक के मामले में है लाजबाव   

हॉस्टल कैंपस में गंदा नैपकिन मिलने से वॉर्डन गुस्सा हो गई. यह पता लगाने के लिए किसने गंदा नैपकिन फेंका है, वॉर्डन ने छात्राओं की तलाशी शुरू कर दी. तलाशी लेने के चक्कर में वॉर्डन ने लड़कियों के कपड़े तक उतरवा लिए. अपने साथ हुई घटना से छात्राएं सदमे में हैं.

उन्होंने वॉर्डन खिलाफ कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरपी तिवारी को लिखित शिकायत भेजी. आरपी तिवारी का कहना है कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यवश और निंदनीय है. मैंने छात्राओं से हमेशा कहा है कि वे मेरी बेटियों जैसी हैं और मैं उनसे इस घटना के लिए माफी मांगता हूं. उन्होंने आगे कहा कि मैं उन्हें आश्वासन दिया है कि इसके खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा. अगर वॉर्डन दोषी पाई जाती है तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी.

छात्राओं का एक ग्रुप घटना की लिखित शिकायत लेकर यूनिवर्सिटी के कुलपति आरपी तिवारी के पास पहुंचा. उन्होंने अपनी पीड़ा सुनाते हुए हॉस्टल वार्डन और आउटसोर्सिंग वार्डन पर कार्रवाई की मांग की. कुलपति ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने छात्राओं को आश्वासन दिया कि तीन दिनों के अंदर जांच पूरी कर ली जाएगी और दोषी पाए जाने पर दोनों वार्डनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.