चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार लॉकडाउन के कारण उत्पन्न मानवीय संकट से निपटने में विफल रही. इस समय आर्थिक राहत पैकेज में असंगठित श्रम क्षेत्र की परेशानियों को दूर करने के लिए तुरंत कार्यवाही करना शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए. Also Read - Unlock 1.0: राज्यों ने लॉकडाउन में और अधिक छूट देते हुए अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए; आज से चलेंगी 200 विशेष ट्रेनें

लॉकडाउन के कारण परेशानी का सामना कर रहे उद्योगों को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पैकेज की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की. सीतारमण ने बुधवार को लघु उद्योगों के लिए बिना गारंटी वाले तीन लाख करोड़ रुपये के कर्ज की सुविधा की घोषणा की. साथ ही उन्होंने गैर-वेतन भुगतान पर कर कटौती में एक चौथाई राहत तथा गैर-बैंकिंग कंपनियों को नकदी की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराने की योजनाओं का भी ऐलान किया. Also Read - लॉकडाउन बढ़ने की बात सुन महिला ने खाया ज़हर, ससुराल से मायके न जा पाने से थी परेशान

सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि वित्त मंत्री ने एमएसएमई, एनबीएफसी और आवास क्षेत्र की आवश्यकताओं को संतुलित करना उचित नहीं समझा, जिससे वर्तमान संकट के कारण लाखों मजदूरों को मुश्किल दौर से गुजरना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री के ‘जान’ के साथ ‘जहान’ की सुरक्षा की बात पर जोर देने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री की तरफ से की गई पहले चरण की घोषणाओं में जीवन की सुरक्षा करने का कोई इरादा नहीं दिखता. Also Read - आर्थिक गतिविधियों को बंद करने से पहले रूपरेखा तैयार करके समीक्षा करनी चाहिए थी : यामाहा