जम्मू: बाबा बर्फानी के दर्शन करने अमरनाथ यात्रा पर गए लोगों को भारी बारिश का सामना करना पड़ रहा है. भारी बारिश के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक भी रुक गया है, इसी बीच 2,876 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शुक्रवार को अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए कश्मीर घाटी के आधार शिविरों की ओर रवाना हो गया. अधिकारियों ने कहा कि सुबह करीब 6:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच तीर्थयात्री 90 वाहनों के काफिले में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए. Also Read - India Weather Forecast: पूरे उत्तर भारत में शीत लहर से बढ़ी ठिठुरन, कश्मीर में बर्फबारी तो दिल्ली में बारिश की संभावना

इस दौरान बारिश हो रही थी. पिछले तीन दिन से जम्मू कश्मीर के बड़े हिस्से में बारिश हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक बनिहाल – उधमपुर सेक्टर में भारी बरिश से पंथाल , नेदगार्ड , डिगडोल और समरोली में शुक्रवार सुबह भूस्खलन की घटनाएं हुईं. पत्थर गिरने से 260 किलोमीटर लंबा राजमार्ग अवरुद्ध हो गया. Also Read - केंद्र सरकार ने सिविल सर्विसेज का जम्मू-कश्मीर कैडर किया खत्म, अधिसूचना जारी कर AGMUT में किया विलय

हालांकि संबंधित एजेंसियों ने जवानों और मशीनों को लगाकर सुबह करीब 9:15 बजे यथासंभव कम से कम समय में रास्ते साफ कराए. इससे फंसे हुए वाहन अपने गंतव्यों की ओर बढ़ सके. राजमार्ग अवरूद्ध होने से जगह जगह जाम लग गया और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए प्रयास जारी है. Also Read - जम्मू कश्मीर: 2020 में 87.13 प्रतिशत कम हुईं पत्थरबाजी की घटनाएं, DGP ने बताई वजह

दो महीने तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा गुरुवार से शुरू हुई थी और 1000 से अधिक लोगों के पहले जत्थे ने बर्फ से प्राकृतिक रूप से बनने वाले शिवलिंग के दर्शन किए. अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को तीर्थयात्रियों को सड़क मार्ग से जाने की मंजूरी मिलने के बाद ही जाने दिया गया और वे शुक्रवार शाम तक आधार शिविरों में पहुंच सकते हैं.

शुक्रवार को रवाना हुए तीसरे जत्थे में कोई साधु और बच्चे नहीं हैं. इनमें से 315 महिलाओं समेत 2032 तीर्थयात्रियों ने परंपरागत 36 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग चुना, वहीं 229 महिलाओं समेत 844 लोगों ने 12 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना.

(इनपुट: एजेंसी)