नई दिल्ली: अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए मंगलवार को 1,282 यात्रियों का छोटा जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ. पुलिस अधिकारी ने बताया कि 44 वाहनों में सवार यह जत्था भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ.

इससे पहले सोमवार को अमरनाथ यात्रा के लिए 1,208 तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना हुआ था जो कि अब तक का सबसे छोटा जत्था है. इस साल अब तक 2,45,000 तीर्थयात्री बर्फानी बाबा के दर्शन कर चुके हैं.

अमरनाथ यात्रा 2018: सिर्फ 20 दिनों में ही दो लाख तीर्थयात्रियों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

रक्षाबंधन पर समाप्‍त होगी तीर्थयात्रा
अमरनाथ यात्रा 28 जून को को ज्येष्ठ पूर्णिमा से शुरू हुई थी और 60 दिनों की यह तीर्थयात्रा श्रावण पूर्णिमा पर 26 अगस्त को समाप्त होगी. अमरनाथ गुफा कश्मीर घाटी के दो मार्गों से चल रही है. 46 किलोमीटर पहलगाम ट्रैक सबसे पुराना मार्ग है, जबकि 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से भी अब यात्रा की जाती है, क्योंकि यहां से यात्रा एक दिन में पूरी की जा सकती है.

अमरनाथ का इतिहास
अमरनाथ हिंदुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है. यह जम्मू-कश्मीर राज्य के श्रीनगर शहर के उत्तर-पूर्व में 135 किलोमीटर दूर समुद्रतल से 13600 फुट की ऊंचाई पर स्थित है. इस गुफा की लंबाई 19 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर है, गुफा 11 मीटर ऊंची है.

अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का बनना है. प्राकृतिक हिम से बने होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहते हैं.