नई दिल्‍ली: अमरनाथ यात्रा 2018 ने मंगलवार को पहला बड़ा मील का पत्थर हासिल किया. अब तक दो लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए. यात्रा ने मात्र 20 दिनों में यह आकड़ा पार किया है. बुधवार को भी अमरनाथ यात्रा के लिए 1,983 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से रवाना हुआ. Also Read - जम्मू में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का मकान अतिक्रमण वाली जमीन पर बना है: J&K प्रशासन

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श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के मुख्य अभियंता अधिकारी (सीईओ) उमंग नरुला ने बताया कि 2,01,582 तीर्थयात्रियों ने पिछले 20 दिनों में पवित्र गुफा श्राइन में शिवलिंग का दर्शन किया था. यात्रा के 20 वें दिन, 4,140 यात्रियों ने मंगलवार को पवित्र गुफा में पूजा की. पिछले साल, 2,60,003 तीर्थयात्रियों ने 40 दिनों की पूरी तीर्थ अवधि में बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे. Also Read - पाकिस्तान ने एलओसी के गांवों और चौकियों पर चलाईं गोलियां, भारतीय सैनिकों ने दिया करारा जवाब

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यात्रा के बीच लगातार हो रही बारिश

सीईओ ने कहा कि लगातार बारिश के चलते यात्रा को पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से मंगलवार को स्‍थगित कर दिया गया था. बुधवार को अमरनाथ यात्रा के लिए 1,983 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से रवाना हुआ. पुलिस ने कहा कि तीर्थयात्री 59 वाहनों में सवार होकर भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुए. 1,303 यात्री पहलगाम तो 680 बालटाल आधार शिविरों की ओर रवाना हुए है. उधर, मौसम विभाग ने दिन में बालटाल और पहलगाम मार्गो पर बारिश का अनुमान जताया है.

रक्षाबंधन पर समाप्‍त होगी तीर्थयात्रा

वार्षिक अमरनाथ यात्रा ज्येष्ठ पूर्णिमा (28 जून को) से शुरू हुई और 60 अगस्त की तीर्थयात्रा श्रावण पूर्णिमा पर 26 अगस्त को समाप्त होगी. अमरनाथ गुफा कश्मीर घाटी के दो मार्गों से चल रही है. 46 किमी पहलगाम ट्रेक सबसे पुराना मार्ग है, जबकि 14 किलोमीटर की बालटाल मार्ग भी अब तीर्थयात्रियों द्वारा पसंद किया जाता है, क्योंकि यहां से यात्रा एक दिन में पूरी की जा सकती है.

यात्रा के लिए हाई लेवल की सुरक्षा व्‍यवस्‍था

बता दें कि इस साल खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा को कई बार स्‍थगित करने के लिए मजबूर कर दिया था. बारिश, बर्फ, पत्थरों और स्लैश के बावजूद, यात्रा ने मील का पत्थर हासिल किया और आंकड़ा दो लाख पार गया है. बता दें कि इस साल यात्रा हाई सुरक्षा कवर के तहत चल रही है.

अभी 60 प्रतिशत यात्रा होनी बाकी

केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 24,000 से अधिक सैनिकों को इस साल यात्रा के लिए तैनात किया गया है. बता दें कि अमरनाथ यात्रा अब तक करीब 40 प्रतिशत खत्म हो गई है, जबकि 60 प्रतिशत अभी होना है. श्रीनगर के सीआरपीएफ आईजी रविदेप साही ने कहा कि कश्मीर के लोगों को उनके सहयोग के लिए विशेष उल्लेख की जरूरत है.