मौसम साफ होने के बाद अमरनाथ यात्रा फिर शुरू, सड़क पर गिरी चट्टानें हटाई गईं

गुरुवार को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को भीषण बारिश और भूस्खलन की वजह से रोकना पड़ा है...

Published date india.com Updated: June 30, 2017 11:22 AM IST
The annual Amarnath Yatra is being suspended due to heavy rains. Photo: ANI
The annual Amarnath Yatra is being suspended due to heavy rains. Photo: ANI

श्रीनगर. गुरुवार को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को भीषण बारिश और भूस्खलन की वजह से रोकना पड़ा. यात्रा मार्ग दुरुस्त होने और मौसम साफ होने के बाद यात्रा फिर शुरू हो गई. वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने के एक दिन बाद ही भारी बारिश के चलते पहलगाम, बालटल दोनों ही मार्गों पर निलंबित कर दी गई थी. पहलगाम और बालटाल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की वजह से चट्टान खिसककर सड़क पर आ गिरी. इससे जम्मू-श्रीनगर के बीच अमरनाथ यात्रा रोकनी पड़ी. श्रद्धालु अपने होटलों को लौट गए हैं. हालांकि किसी भी श्रद्धालु के जोश में कमी नहीं आई है. टीवी चैनलों पर श्रद्धालुओं ने बताया कि वह दर्शन करके ही लौटेंगे.

हेल्पलाइन नंबर- 079-23251900; 079-23251902 

6000 से ज्यादा लोगों ने किये दर्शन
खराब मौसम के बावजूद अमरनाथ की पवित्र गुफा में कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को 6,000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये. वहीं, रास्ते में पत्थर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. 2,481 तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था जम्मू से 66 गाड़ियों में यात्रा के दो आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ. इस जत्थे में1638 पुरुष, 663 महिलाएं और 180 साधु शामिल हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों की पहरेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी कर रहे हैं.

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, आसमान में बादलों के बीच यात्रा गुरुवार सुबह पहलगाम और बालटाल के दो मार्गा के जरिए शुरू हुई. उन्होंने कहा कि 6097 श्रद्धालुओं ने पहले दिन 3,880 मीटर उंचाई पर पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित बाबा बफार्नी के दर्शन किए. उन्होंने कहा कि इस साल अमरनाथ यात्रा पिछले साल के 48 दिनों की तुलना में आठ दिन कम होगी और यह सात अगस्त को श्रवण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) को खत्म हो जाएगी.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा गुफा मंदिर में पहुंचने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे. वह यात्रा के मामलों का प्रबंध करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी है. प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह में दर्शन किए और प्रथम पूजा समारोह में हिस्सा लिया. वोहरा ने राज्य में शांति, मेल, प्रगति और समृद्धि की प्रार्थना की. प्रवक्ता ने कहा कि पत्थर गिरने से जम्मू के अफगाना मोहल्ले के रहने वाले भूषण कोटवाल की मौत हो गई. वह सुबह छह बजकर 20 मिनट पर बालटाल मार्ग पर रेलपथरी और ब्रारीमार्ग के बीच से मंदिर जा रहे थे.

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